बरेली। टपरी डिस्टलरी टैक्स चोरी प्रकरण में अब कार्रवाई की दिशा पर ही गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गैंगस्टर एक्ट में 27 आरोपियों को नामजद किया गया, लेकिन जब संपत्ति कुर्क करने की बारी आई तो सिर्फ पांच पर ही कार्रवाई कर दी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गैंगलीडर प्रणय अनेजा की संपत्ति तक नहीं छुई गई, जिससे पूरे मामले में एक कारोबारी को टारगेट कर कार्रवाई के आरोप तेज हो गए हैं।
मुरादाबाद के एक शराब कारोबारी के इशारे पर पुलिस और प्रशासन की पूरी टीम काम कर रही है। यही वजह बताई जा रही है कि असली गुनहगारों को छोड़कर एक कारोबारी को टारगेट कर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े नाम अब भी बचाए जा रहे हैं।
बरेली में सिटी सेंटर मॉल होटल समेत करोड़ की प्रॉपर्टी
सहारनपुर में दर्ज इस गैंगस्टर प्रकरण में प्रणय अनेजा को गैंगलीडर बनाया गया है, जो टपरी डिस्टलरी का एमडी है। लेकिन पुलिस का कहना है कि उसकी संपत्ति का पता नहीं चल सका, इसलिए कुर्की नहीं की जा सकी। इस तर्क पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि अनेजा का कारोबार कई जिलों और प्रदेशों में फैला बताया जाता है। बरेली के मॉडल टाउन में उसकी कोठी होने के साथ-साथ अन्य जिलों में होटल, बार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं।
बरेली में होटल से लेकर सिटी सेंटर मॉल तक और एड्रेस ला हाउसिंग सोसायटी समेत करोड़ों की प्रॉपर्टी है।
मनोज जायसवाल और उनके भाई की प्रॉपर्टी कुर्क
बरेली में शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और उसके भाई नीरज जायसवाल की 48.5 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी गई, जिससे यह संदेश गया कि कार्रवाई सख्त है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब गैंग में 27 लोग शामिल हैं तो निशाना सिर्फ कुछ लोगों पर ही क्यों? गैंग में शामिल कई अन्य कारोबारी, कर्मचारी और यहां तक कि आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारी भी अब तक कार्रवाई से बाहर हैं।
डीएम सहारनपुर के आदेश में जिन पांच लोगों की संपत्ति कुर्क करने की बात कही गई थी, उनमें मनोज जायसवाल, नीरज जायसवाल, अजय जायसवाल (बरेली), अशोक दीक्षित (उन्नाव) और अरविंद वर्मा (शाहजहांपुर) शामिल हैं। इनमें से मनोज और नीरज की संपत्ति कुर्क हो चुकी है, जबकि बाकी तीन की कार्रवाई अभी लंबित है।
पत्नी के नाम मकान, तलाक के कागजों ने फंसाया पेंच
इस बीच नीरज जायसवाल के एक मकान को लेकर नया मोड़ सामने आया है। जांच में पाया गया कि इज्जतनगर स्थित मकान उसकी पत्नी रीना जायसवाल के नाम है और दोनों के बीच तलाक हो चुका है। मकान खरीदने की रकम भी पत्नी के खाते से ट्रांसफर हुई थी, इसलिए फिलहाल उस संपत्ति को कुर्क करने के बजाय नोटिस चस्पा कर अपील का मौका दिया गया है।
जनकपुरी थाना सहारनपुर के इंस्पेक्टर नेमचंद का कहना है कि जिन आरोपियों की संपत्ति चिन्हित हो चुकी है, उनकी कुर्की कर दी गई है और बाकी की संपत्तियों का चिन्हीकरण कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी


