अलीगढ़ की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था और सड़कों पर लग रहे लंबे जाम को लेकर एसएसपी (SSP) नीरज कुमार जादौन ने सख्त कार्रवाई कर दी। अचानक हालत जानने पहुंचे एसएसपी ने शुक्रवार को ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) कमलेश कुमार समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। अचानक चौराहे पर पहुंचे कप्तान, खुली पोल एसएसपी बृहस्पतिवार दोपहर बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक सारसौल चौराहे पर पहुंच गए थे। वहां उन्होंने देखा कि रोडवेज बसें बीच सड़क पर खड़ी होकर सवारियां भर रही थीं जिससे भीषण जाम लगा हुआ था। हैरानी की बात यह थी कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी जाम खुलवाने के बजाय आपस में बैठकर गपशप कर रहे थे। ये हुए निलंबित: एसएसपी की गाड़ियां देखते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया और वे आनन-फानन में ट्रैफिक संभालने के दौड़ पड़े। लापरवाही और खराब पर्यवेक्षण के आधार पर इन पर गाज गिरी है: लापरवाही पर होगी कार्रवाई SSP नीरज कुमार जादौन ने कहा कि किसी अधिकारी या वीवीआईपी मूवमेंट पर ही पुलिस सक्रिय दिखाई देती है। सड़कों पर जाम लगा रहता है और लोग उससे जूझते रहते हैं। उनका कहना है कि आम लोगों की समस्या समाधान करना ही कर्तव्य है। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट को रिपोर्ट न देने पर दरोगा और उर्दू अनुवादक सस्पेंड एसएसपी ने खैर थाने के दरोगा प्रमोद कुमार वशिष्ठ और पुलिस कार्यालय आंकिक शाखा में तैनात उर्दू अनुवाद व सह प्रधान सहायक कदीर अहमद को भी निलंबित कर दिया है। दरोगा पर आरोप है कि कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत अर्जी पर आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड और आख्या मांगी गई थी, जिसे समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया। इसे न्यायिक कार्यों में लापरवाही मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। वहीं, कदीर अहमद पर आरोप है कि न्यायालय में एक दिन के लिए पुलिस बल की मांग की गई थी। इनको एक दरोगा, दो सिपाही और दो महिला सिपाही का एक दिन के वेतन का विवरण उपलब्ध कराना था। निर्देश देने के बाद भी काम में लापरवाही करने पर निलंबित किया गया है। एक साथ शुरू कराया सड़कों पर कार्य जाम से परेशान लोगों का कहना है कि नगर निगम ने सुनियोजित तरीके से सड़कों का काम नहीं कराया है। रामघाट रोड और उससे जुड़े रास्तों पर इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क खुदाई और ऊपर से पुलिस की सुस्ती ने शहरवासियों का निकलना दूभर कर दिया है। एसएसपी के इस कड़े रुख के बाद अब विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।


