अररिया की युवती का जम्मू-कश्मीर में जबरन विवाह:मौका देखकर भागी, लोगों ने की मदद; वन स्टॉप सेंटर पहुंची

अररिया की युवती का जम्मू-कश्मीर में जबरन विवाह:मौका देखकर भागी, लोगों ने की मदद; वन स्टॉप सेंटर पहुंची

अररिया की 18 वर्षीय युवती प्रवीण आशिक जम्मू-कश्मीर के पुलवामा क्षेत्र में जबरन विवाह और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के बाद सुरक्षित है। वह वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के सुफियान स्थित वन स्टॉप सेंटर में केंद्र प्रशासक की देखरेख में रह रही है। वन स्टॉप सेंटर अररिया की प्रशासक वर्षा रानी ने दूरभाष पर बताया कि प्रवीण आशिक, आशिक अहमद और स्वर्गीय शाहिना की पुत्री है। उसकी सौतेली माँ का नाम सबीना है। युवती अररिया के बंधूक, तारण, बैरगाछी क्षेत्र की निवासी है। विवाहित व्यक्ति से करा दिया विवाह काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसके पिता ने उसका विवाह फिर्दोश अहमद नामक व्यक्ति से करा दिया था। फिर्दोश पहले से विवाहित था और उसकी एक पुत्री भी है। इस विवाह के बदले पिता को मात्र पांच हजार रुपये मिले थे। युवती को जबरन उसी स्थान पर रहने के लिए दबाव डाला गया। जब उसने बिहार लौटने की इच्छा व्यक्त की, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता किसी तरह पुलवामा से भाग निकली और श्रीनगर जाने के लिए एक वाहन में सवार हुई। स्थानीय नागरिकों ने दी पुलिस को सूचना वाहन चालक ने उसे बीच रास्ते में उतार दिया। एक अनजान जगह पर भटकने के दौरान स्थानीय नागरिकों ने उसकी मदद की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे अपनी सुरक्षा में लिया। प्रारंभिक जांच में युवती की उम्र 18 वर्ष से अधिक पाई गई। चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसे बालिका गृह में रखा गया और बाद में सुफियान वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया। यहाँ उसकी नियमित काउंसलिंग की जा रही है और आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। वन स्टॉप सेंटर अररिया की प्रशासक वर्षा रानी ने लोगों से अपील की है कि यदि इस पीड़िता के संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी हो, तो वे वन स्टॉप सेंटर अररिया के दूरभाष नंबर 9771468001 पर तुरंत सूचित करें। यह घटना महिलाओं के खिलाफ जबरन विवाह, मानसिक प्रताड़ना और अंतरराज्यीय शोषण की समस्या को उजागर करती है। वन स्टॉप सेंटर जैसी सरकारी योजनाएं पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा और पुनर्वास प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। अररिया की 18 वर्षीय युवती प्रवीण आशिक जम्मू-कश्मीर के पुलवामा क्षेत्र में जबरन विवाह और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के बाद सुरक्षित है। वह वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के सुफियान स्थित वन स्टॉप सेंटर में केंद्र प्रशासक की देखरेख में रह रही है। वन स्टॉप सेंटर अररिया की प्रशासक वर्षा रानी ने दूरभाष पर बताया कि प्रवीण आशिक, आशिक अहमद और स्वर्गीय शाहिना की पुत्री है। उसकी सौतेली माँ का नाम सबीना है। युवती अररिया के बंधूक, तारण, बैरगाछी क्षेत्र की निवासी है। विवाहित व्यक्ति से करा दिया विवाह काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसके पिता ने उसका विवाह फिर्दोश अहमद नामक व्यक्ति से करा दिया था। फिर्दोश पहले से विवाहित था और उसकी एक पुत्री भी है। इस विवाह के बदले पिता को मात्र पांच हजार रुपये मिले थे। युवती को जबरन उसी स्थान पर रहने के लिए दबाव डाला गया। जब उसने बिहार लौटने की इच्छा व्यक्त की, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता किसी तरह पुलवामा से भाग निकली और श्रीनगर जाने के लिए एक वाहन में सवार हुई। स्थानीय नागरिकों ने दी पुलिस को सूचना वाहन चालक ने उसे बीच रास्ते में उतार दिया। एक अनजान जगह पर भटकने के दौरान स्थानीय नागरिकों ने उसकी मदद की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे अपनी सुरक्षा में लिया। प्रारंभिक जांच में युवती की उम्र 18 वर्ष से अधिक पाई गई। चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसे बालिका गृह में रखा गया और बाद में सुफियान वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया। यहाँ उसकी नियमित काउंसलिंग की जा रही है और आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। वन स्टॉप सेंटर अररिया की प्रशासक वर्षा रानी ने लोगों से अपील की है कि यदि इस पीड़िता के संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी हो, तो वे वन स्टॉप सेंटर अररिया के दूरभाष नंबर 9771468001 पर तुरंत सूचित करें। यह घटना महिलाओं के खिलाफ जबरन विवाह, मानसिक प्रताड़ना और अंतरराज्यीय शोषण की समस्या को उजागर करती है। वन स्टॉप सेंटर जैसी सरकारी योजनाएं पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा और पुनर्वास प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।  

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