वन्यजीवों की सुरक्षा-अवैध गतिविधियों पर लगेगी रोक:कैमूर के अधौरा जंगल में जीपीएस स्मार्ट पेट्रोलिंग लागू, तस्करी पर रहेगी नजर

वन्यजीवों की सुरक्षा-अवैध गतिविधियों पर लगेगी रोक:कैमूर के अधौरा जंगल में जीपीएस स्मार्ट पेट्रोलिंग लागू, तस्करी पर रहेगी नजर

बिहार सरकार ने अधौरा जंगल क्षेत्र में वनों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जीपीएस आधारित स्मार्ट पेट्रोलिंग प्रणाली लागू की है। इस आधुनिक तकनीक का उद्देश्य वन्यजीवों के अवैध शिकार, लकड़ी की कटाई, अतिक्रमण और तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। यह पहल वन संसाधनों के संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा में महत्वपूर्ण साबित होगी। वनरक्षक तुरंत मोबाइल ऐप पर दर्ज कर सकेंगे घटना नई व्यवस्था के तहत वन रक्षकों और अन्य वन कर्मियों को जीपीएस युक्त स्मार्ट उपकरण और एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन प्रदान किया गया है। गश्त के दौरान यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि, अवैध कटाई, शिकार की आशंका या वन्यजीवों की असामान्य हलचल दिखाई देती है, तो वनरक्षक तुरंत उसे मोबाइल ऐप पर दर्ज कर सकेंगे। यह जानकारी वास्तविक समय में सीधे विभागीय सर्वर तक पहुंचेगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले सूचनाओं के आदान-प्रदान में देरी के कारण अपराधी अक्सर फायदा उठा लेते थे। अब, वास्तविक समय की निगरानी से उच्च अधिकारी तत्काल स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। इस तकनीक से अधौरा के जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। बिहार सरकार ने अधौरा जंगल क्षेत्र में वनों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जीपीएस आधारित स्मार्ट पेट्रोलिंग प्रणाली लागू की है। इस आधुनिक तकनीक का उद्देश्य वन्यजीवों के अवैध शिकार, लकड़ी की कटाई, अतिक्रमण और तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। यह पहल वन संसाधनों के संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा में महत्वपूर्ण साबित होगी। वनरक्षक तुरंत मोबाइल ऐप पर दर्ज कर सकेंगे घटना नई व्यवस्था के तहत वन रक्षकों और अन्य वन कर्मियों को जीपीएस युक्त स्मार्ट उपकरण और एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन प्रदान किया गया है। गश्त के दौरान यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि, अवैध कटाई, शिकार की आशंका या वन्यजीवों की असामान्य हलचल दिखाई देती है, तो वनरक्षक तुरंत उसे मोबाइल ऐप पर दर्ज कर सकेंगे। यह जानकारी वास्तविक समय में सीधे विभागीय सर्वर तक पहुंचेगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले सूचनाओं के आदान-प्रदान में देरी के कारण अपराधी अक्सर फायदा उठा लेते थे। अब, वास्तविक समय की निगरानी से उच्च अधिकारी तत्काल स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। इस तकनीक से अधौरा के जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।  

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