नेपाल में पांच मार्च को प्रस्तावित आम चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। तीन से छह मार्च तक सीमा सील किए जाने की तैयारी है। होली के त्योहार के बीच बढ़ी इस सख्ती से सीमावर्ती गांवों के लोगों और बाजारों में चिंता बढ़ गई है। क्योंकि आवाजाही और व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।
नेपाल में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर सीमा पर एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने गश्त बढ़ा दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल सीमा पूरी तरह बंद नहीं की गई है। लेकिन निगरानी पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है। मतदान से ठीक पहले सीमा को अस्थायी रूप से सील किया जाएगा। इसके लिए भारतीय और नेपाली सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है।
होली और चुनाव को देखते हुए बढ़ाई गई सतर्कता
होली को देखते हुए पहले से ही जांच अभियान चलाया जा रहा था। अब चुनाव की घोषणा के बाद सतर्कता और बढ़ गई है। सीमा से जुड़े लगभग 46 गांवों में चुनाव को लेकर चर्चा तेज है। पिछले वर्ष आंदोलन के दौरान भी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। बाद में हालात सामान्य हुए। लेकिन सर्दियों में घुसपैठ की आशंका के चलते निगरानी जारी रही। अब त्योहार और चुनाव एक साथ पड़ने से चौकसी फिर तेज कर दी गई है।
बाजारों में होली की खरीदारी ने पकड़ा जोर
सीमावर्ती थानों की पुलिस का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हाल ही में नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में कुछ लोगों को पकड़ा गया है। पंचायत स्तर पर बनी सुरक्षा समितियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। फिलहाल बाजारों में रौनक बनी हुई है। लेकिन व्यापारियों को आशंका है कि तीन मार्च से आवाजाही पर रोक का असर दिखने लगेगा। बालापुर, तुलसीपुर, मणिपुर और बरदौलिया जैसे बाजारों में होली की खरीदारी जोरों पर है। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने त्योहार को ध्यान में रखकर पर्याप्त माल मंगाया है।
व्यापारियों का कहना है कि चुनाव और सुरक्षा जरूरी
लेकिन सीमा सील होने से बिक्री प्रभावित हो सकती है। होटल और कपड़ा कारोबार से जुड़े व्यापारियों का भी मानना है कि चुनाव जरूरी है। पर त्योहार के समय बंदिशें व्यापार के लिए चुनौती बनेंगी। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। मतदान शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।


