शेखपुरा में मंगलवार को किशोरी बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शहर के स्टेशन रोड स्थित माध्यमिक शिक्षक संघ भवन कार्यालय के सभागार में हुई, जिसमें माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक भार्गव ने किया। इस अवसर पर लेखा पदाधिकारी ऋषिकेश कुमार, माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रवि कुमार, तथा मास्टर ट्रेनर शारदा कुमारी, रवि शंकर राकेश और संदीप कुमार भी उपस्थित थे। सभी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक भार्गव ने किशोरियों की जिम्मेदारी, उनकी भूमिका, शारीरिक विकास, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक विकास, हार्मोनल बदलाव, मासिक धर्म, और भावनात्मक परिवर्तनों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, सामाजिक भ्रांतियों, सैनिटरी पैड के सही इस्तेमाल और किशोरियों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। शिक्षकों और शिक्षिकाओं को इस विषय पर शिक्षित करना था मुख्य उद्देश्य इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षिकाओं को इस विषय पर शिक्षित करना था, ताकि वे विद्यालयों में जाकर छात्राओं को जागरूक कर सकें। इसका लक्ष्य उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ तथा सशक्त बनाना है। शेखपुरा में मंगलवार को किशोरी बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शहर के स्टेशन रोड स्थित माध्यमिक शिक्षक संघ भवन कार्यालय के सभागार में हुई, जिसमें माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक भार्गव ने किया। इस अवसर पर लेखा पदाधिकारी ऋषिकेश कुमार, माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रवि कुमार, तथा मास्टर ट्रेनर शारदा कुमारी, रवि शंकर राकेश और संदीप कुमार भी उपस्थित थे। सभी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक भार्गव ने किशोरियों की जिम्मेदारी, उनकी भूमिका, शारीरिक विकास, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक विकास, हार्मोनल बदलाव, मासिक धर्म, और भावनात्मक परिवर्तनों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, सामाजिक भ्रांतियों, सैनिटरी पैड के सही इस्तेमाल और किशोरियों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। शिक्षकों और शिक्षिकाओं को इस विषय पर शिक्षित करना था मुख्य उद्देश्य इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षिकाओं को इस विषय पर शिक्षित करना था, ताकि वे विद्यालयों में जाकर छात्राओं को जागरूक कर सकें। इसका लक्ष्य उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ तथा सशक्त बनाना है।


