दरभंगा में चौदहवें अहिल्या-गौतम राजकीय महोत्सव के दूसरे दिन संध्या कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता, पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार, गौतम न्यास समिति के उपाध्यक्ष बमबम, गंगेश्वर स्थान न्यास समिति के मुख्य डॉ. राम प्रवेश ठाकुर और अहल्या स्थान न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे- धर्मशीला गुप्ता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि, आज सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक हजार वर्ष पूर्व लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त कर तीन दिनों तक लूटपाट की थी। इसी क्रम में उन्होंने अहल्या स्थान को पांच पवित्र शक्तिपीठों में से एक बताते हुए कहा कि यहां चौदहवां राजकीय महोत्सव मनाया जाना गर्व का विषय है। बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत- धर्मशीला गुप्ता उन्होंने स्थानीय विधायक जीवेश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते हैं, जिसका परिणाम आज अहल्या-स्थान आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री निरंतर प्रयासरत हैं। इसका उदाहरण सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में देखने को मिलता है, जहां लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत से माता सीता मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही अहल्या स्थान के विकास के लिए 36 करोड़ रुपए की लागत से कई निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विधायक जीवेश कुमार ने कहा कि, उनके कार्यकाल में अब तक 425 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया गया है और आगे भी यह विकास कार्य अनवरत जारी रहेगा। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया। महोत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति देर रात तक राष्ट्रीय स्तर के कलाकार कुमार सत्यम और मिथिलांचल प्रसिद्ध कलाकार रामबाबू झा सहित अन्य दर्जनों कलाकारों का कार्यक्रम कार्यक्रम चलता रहा। अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार की संध्या स्थानीय बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के लोक गायक ठाकुर रघुवीर की भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। माता अहिल्या के उद्धार प्रसंग पर आधारित भजन “प्रभु जी युगल छविय अभिलाषी” की सशक्त प्रस्तुति ने महोत्सव में उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया” गीत सुनकर झूमे लोग ठाकुर रघुवीर ने एक से बढ़कर एक मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति दी। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया”, “ए पहुना एही मिथिले में रह ना”, “हमरी आटा याद याद बस याद रह जाती है” और “सांसों की माला पे सिमरू मैं पी का नाम” जैसे गीतों पर श्रोता झूमते नजर आए, जिससे पूरे आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण बन गया। वहीं, डॉली सिंह की प्रस्तुति “हमरा मम्मी के रे दुलरुआ दामाद राजाजी”, “रंगबाज राजा जी”, “ओ धोखेबाज राजा जी” ने दर्शकों को खूब आनंदित किया। इसके अलावा रामबाबू झा और डॉली सिंह द्वारा प्रस्तुत गीत “कनी हसिअउ नई सजनी गुलाब कहई या” तथा “हे ये लाल भौजी लजाई छी किया” को भी श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। ओडिशा और मध्यप्रदेश के लोक नृत्यों की दी प्रस्तुति अहिल्या गौतम महोत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सृष्टि फाउंडेशन के कलाकारों ने लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों के समन्वय से हुई, जिसमें भारत की विविधता में एकता की झलक साफ दिखाई दी। सृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक एवं गुरु जयप्रकाश पाठक के निर्देशन में कलाकारों ने बिहार की लोक संस्कृति और मिथिलांचल के प्रसिद्ध झिझिया नृत्य की सशक्त प्रस्तुति दी, जिसे साक्षी कुमारी और वर्षा कुमारी ने मंच पर जीवंत किया। ओडिशा के संबलपुरी नृत्य को जयश्री जयंती और सोनाक्षी प्रिया ने प्रस्तुत किया, जबकि मध्यप्रदेश के लोक नृत्य को श्रुति सिंह और माही गुप्ता ने दर्शकों के समक्ष उतारा। राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य ने लूटी वाहवाही राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य की प्रस्तुति साक्षी कुमारी, वर्षा कुमारी और निशा सिंह ने दी, वहीं उत्तर प्रदेश की कृष्ण-राधा की मनमोहक झांकी सत्यम झा और खुशी कुमारी ने प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। हरियाणा की लोक प्रस्तुति वर्षा कुमारी और गुरु जयप्रकाश पाठक द्वारा दी गई, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।लोक गायन और लोक नृत्य की इन शानदार प्रस्तुतियों ने अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन को यादगार बना दिया और देर शाम तक दर्शक कार्यक्रम से जुड़े रहे। दरभंगा में चौदहवें अहिल्या-गौतम राजकीय महोत्सव के दूसरे दिन संध्या कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता, पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार, गौतम न्यास समिति के उपाध्यक्ष बमबम, गंगेश्वर स्थान न्यास समिति के मुख्य डॉ. राम प्रवेश ठाकुर और अहल्या स्थान न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे- धर्मशीला गुप्ता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि, आज सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक हजार वर्ष पूर्व लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त कर तीन दिनों तक लूटपाट की थी। इसी क्रम में उन्होंने अहल्या स्थान को पांच पवित्र शक्तिपीठों में से एक बताते हुए कहा कि यहां चौदहवां राजकीय महोत्सव मनाया जाना गर्व का विषय है। बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत- धर्मशीला गुप्ता उन्होंने स्थानीय विधायक जीवेश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते हैं, जिसका परिणाम आज अहल्या-स्थान आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री निरंतर प्रयासरत हैं। इसका उदाहरण सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में देखने को मिलता है, जहां लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत से माता सीता मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही अहल्या स्थान के विकास के लिए 36 करोड़ रुपए की लागत से कई निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विधायक जीवेश कुमार ने कहा कि, उनके कार्यकाल में अब तक 425 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया गया है और आगे भी यह विकास कार्य अनवरत जारी रहेगा। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया। महोत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति देर रात तक राष्ट्रीय स्तर के कलाकार कुमार सत्यम और मिथिलांचल प्रसिद्ध कलाकार रामबाबू झा सहित अन्य दर्जनों कलाकारों का कार्यक्रम कार्यक्रम चलता रहा। अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार की संध्या स्थानीय बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के लोक गायक ठाकुर रघुवीर की भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। माता अहिल्या के उद्धार प्रसंग पर आधारित भजन “प्रभु जी युगल छविय अभिलाषी” की सशक्त प्रस्तुति ने महोत्सव में उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया” गीत सुनकर झूमे लोग ठाकुर रघुवीर ने एक से बढ़कर एक मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति दी। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया”, “ए पहुना एही मिथिले में रह ना”, “हमरी आटा याद याद बस याद रह जाती है” और “सांसों की माला पे सिमरू मैं पी का नाम” जैसे गीतों पर श्रोता झूमते नजर आए, जिससे पूरे आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण बन गया। वहीं, डॉली सिंह की प्रस्तुति “हमरा मम्मी के रे दुलरुआ दामाद राजाजी”, “रंगबाज राजा जी”, “ओ धोखेबाज राजा जी” ने दर्शकों को खूब आनंदित किया। इसके अलावा रामबाबू झा और डॉली सिंह द्वारा प्रस्तुत गीत “कनी हसिअउ नई सजनी गुलाब कहई या” तथा “हे ये लाल भौजी लजाई छी किया” को भी श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। ओडिशा और मध्यप्रदेश के लोक नृत्यों की दी प्रस्तुति अहिल्या गौतम महोत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सृष्टि फाउंडेशन के कलाकारों ने लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों के समन्वय से हुई, जिसमें भारत की विविधता में एकता की झलक साफ दिखाई दी। सृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक एवं गुरु जयप्रकाश पाठक के निर्देशन में कलाकारों ने बिहार की लोक संस्कृति और मिथिलांचल के प्रसिद्ध झिझिया नृत्य की सशक्त प्रस्तुति दी, जिसे साक्षी कुमारी और वर्षा कुमारी ने मंच पर जीवंत किया। ओडिशा के संबलपुरी नृत्य को जयश्री जयंती और सोनाक्षी प्रिया ने प्रस्तुत किया, जबकि मध्यप्रदेश के लोक नृत्य को श्रुति सिंह और माही गुप्ता ने दर्शकों के समक्ष उतारा। राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य ने लूटी वाहवाही राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य की प्रस्तुति साक्षी कुमारी, वर्षा कुमारी और निशा सिंह ने दी, वहीं उत्तर प्रदेश की कृष्ण-राधा की मनमोहक झांकी सत्यम झा और खुशी कुमारी ने प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। हरियाणा की लोक प्रस्तुति वर्षा कुमारी और गुरु जयप्रकाश पाठक द्वारा दी गई, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।लोक गायन और लोक नृत्य की इन शानदार प्रस्तुतियों ने अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन को यादगार बना दिया और देर शाम तक दर्शक कार्यक्रम से जुड़े रहे।


