आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने मंगलवार को मधुबनी के जयनगर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के कार्यालय और उनके किराए के आवासीय ठिकाने पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में मनोज कुमार रजक पर वैध आय से लगभग 62 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। EOU ने प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय से तलाशी की अनुमति प्राप्त कर यह कार्रवाई की। देखें, छापेमारी की तस्वीरें… चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों और नकदी की जांच छापेमारी के दौरान, टीम अभियंता की चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों, नकदी और आभूषणों की गहन जांच कर रही है। इसका उद्देश्य उनकी वास्तविक आय और अर्जित संपत्ति के बीच के अंतर का आकलन करना है। जांच पूरी होने के बाद बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी विभाग को सौंपी जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो अभियंता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। छापेमारी में EOU की दो टीमें शामिल, पुलिस बल मौजूद इस जांच और छापेमारी में EOU की दो टीमें शामिल थीं। एक टीम कार्यालय में और दूसरी टीम अभियंता के किराए के आवास पर कार्रवाई कर रही थी। छापेमारी दल में EOU के डीएसपी स्वाति कृष्णा और माधुरी कुमारी, इंस्पेक्टर सुनील कुमार, पदाधिकारी नागेंद्र पूर्वे, जयनगर थानाध्यक्ष अमित कुमार, पुलिस पदाधिकारी मोनिका कुमारी सहित EOU के अन्य अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस मामले पर प्रेस को कोई भी जानकारी देने से इनकार किया है। गौरतलब है कि बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने मंगलवार को मधुबनी के जयनगर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के कार्यालय और उनके किराए के आवासीय ठिकाने पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में मनोज कुमार रजक पर वैध आय से लगभग 62 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। EOU ने प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय से तलाशी की अनुमति प्राप्त कर यह कार्रवाई की। देखें, छापेमारी की तस्वीरें… चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों और नकदी की जांच छापेमारी के दौरान, टीम अभियंता की चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों, नकदी और आभूषणों की गहन जांच कर रही है। इसका उद्देश्य उनकी वास्तविक आय और अर्जित संपत्ति के बीच के अंतर का आकलन करना है। जांच पूरी होने के बाद बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी विभाग को सौंपी जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो अभियंता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। छापेमारी में EOU की दो टीमें शामिल, पुलिस बल मौजूद इस जांच और छापेमारी में EOU की दो टीमें शामिल थीं। एक टीम कार्यालय में और दूसरी टीम अभियंता के किराए के आवास पर कार्रवाई कर रही थी। छापेमारी दल में EOU के डीएसपी स्वाति कृष्णा और माधुरी कुमारी, इंस्पेक्टर सुनील कुमार, पदाधिकारी नागेंद्र पूर्वे, जयनगर थानाध्यक्ष अमित कुमार, पुलिस पदाधिकारी मोनिका कुमारी सहित EOU के अन्य अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस मामले पर प्रेस को कोई भी जानकारी देने से इनकार किया है। गौरतलब है कि बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है।


