हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र में 1.80 से 3.00 लाख तक आय वालों एससी बीसी परिवार के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता साफ कर दिया है। परिवार पहचान पत्र में अब 1.80 से तीन लाख तक आय वाले परिवारों की आय ढाई लाख रुपए मानी जाएगी। इसके लिए पात्र विद्यार्थी हर छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपना आवेदन कर सकते हैं। अधिकतर छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आय सीमा 2.50 लाख रुपए निर्धारित की गई है। ढाई लाख की आय का नहीं था प्रावधान परिवार पहचान पत्र में अब तक ढाई लाख आय का प्रावधान नहीं था। अब सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए परिवार पहचान पत्र में नया प्रावधान किया है। जिसमें 1.80 लाख से तीन लाख तक आय वाले सभी पात्र परिवारों की आय ढाई लाख रुपए मानी जाएगी। इसके लिए छात्रों के पास पहले से परिवार की आय का वैध प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। PPP आने के बाद से अटकी थी छात्रवृत्ति प्रदेश में परिवार पहचान पत्र लागू होने के बाद सरकार ने अधिकतर सरकारी योजनाएं को इससे जोड़ दिया। पीपीपी में 1.80 हजार से 3 लाख या इससे अधिक आय वाले एससी/बीसी विद्यार्थियों को सरकार की छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। जिससे पीपीपी लागू होने के कारण पिछले करीब पांच साल से हजारों एससी/बीसी छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी हुई थी। हालांकि 1.80 लाख से कम आय वाले परिवारों के बचचों को इसका नियमित लाभ मिल रहा था। सरल पोर्टल पर ही मिलेगी सुविधा सरकार ने सरल पोर्टल पर ही आय “आय (हर-छात्रवृत्ति पोर्टल के अंतर्गत छात्रवृत्ति योजनाएँ)” श्रेणी के तहत जारी आय प्रमाण पत्र छात्रवृत्ति योजनाओं मान्य की हैं। अभी तक SARAL पोर्टल पर NSP आवेदन के लिए कोई अलग श्रेणी स्थापित नहीं की गई है। इसलिए इसी श्रेणी के अंतर्गत जारी आय प्रमाण पत्र को ही मान्य माना जाएगा। जिन विद्यार्थियों ने SARAL पोर्टल से आय प्रमाण पत्र बनवाया है, वे उसी प्रमाण पत्र का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (PMS-SC एवं OBC) के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह प्रमाण पत्र NSP के माध्यम से प्रस्तुत किए गए आवेदनों के लिए पूरी तरह वैध माना जाएगा। इससे गरीब छात्रों को मिलेगा लाभ परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कॉडिनेटर सतीश खोला ने कहा कि सरकार ने अब पीपीपी में 2.50 की आय मान्य करने का प्रावधान किया है। इससे अब तक 1.80 लाख से तीन आय की आय वाले जिन परिवारों के एससी-बीसी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित थे, उन्हें छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि कदम कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मौका देने के लिए उठाया है। इससे हजारों छात्रों का फायदा होगा।


