सहरसा के विकास भवन में राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास निगम, पटना के निर्देशानुसार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत किया गया। इस अवसर पर विद्यालयों की बालिकाओं ने विज्ञान आधारित विषयों पर एक प्रदर्शनी लगाई, जिसका उद्देश्य उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार थे। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) कुमारी पुष्पा ने उनका स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण, स्वास्थ्य एवं पोषण, तथा डिजिटल नवाचार जैसे समसामयिक विषयों पर आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों का मूल्यांकन डीआरडीए के निदेशक वैभव ने किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को जिलाधिकारी ने मेडल, पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुस्तक “मेरी जीवन यात्रा”, कॉफी मग, स्कूल बैग और एमएचएम (मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन) किट देकर सम्मानित किया। सभी प्रतिभागी छात्राओं को भी प्रोत्साहन स्वरूप मेडल, स्कूल बैग और एमएचएम किट प्रदान किए गए। इस अवसर पर कुमारी पुष्पा ने बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, किशोरावस्था में पोषण और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिकाओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन और संचालन महिला एवं बाल विकास निगम की टीम ने किया, जबकि इसका समग्र पर्यवेक्षण जिला परियोजना प्रबंधक काजल चौरसिया ने किया। इस आयोजन के माध्यम से बेटियों की शिक्षा, विज्ञान और सशक्तिकरण में अग्रणी भूमिका का संदेश दिया गया। सहरसा के विकास भवन में राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास निगम, पटना के निर्देशानुसार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत किया गया। इस अवसर पर विद्यालयों की बालिकाओं ने विज्ञान आधारित विषयों पर एक प्रदर्शनी लगाई, जिसका उद्देश्य उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार थे। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) कुमारी पुष्पा ने उनका स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण, स्वास्थ्य एवं पोषण, तथा डिजिटल नवाचार जैसे समसामयिक विषयों पर आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों का मूल्यांकन डीआरडीए के निदेशक वैभव ने किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को जिलाधिकारी ने मेडल, पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुस्तक “मेरी जीवन यात्रा”, कॉफी मग, स्कूल बैग और एमएचएम (मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन) किट देकर सम्मानित किया। सभी प्रतिभागी छात्राओं को भी प्रोत्साहन स्वरूप मेडल, स्कूल बैग और एमएचएम किट प्रदान किए गए। इस अवसर पर कुमारी पुष्पा ने बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, किशोरावस्था में पोषण और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिकाओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन और संचालन महिला एवं बाल विकास निगम की टीम ने किया, जबकि इसका समग्र पर्यवेक्षण जिला परियोजना प्रबंधक काजल चौरसिया ने किया। इस आयोजन के माध्यम से बेटियों की शिक्षा, विज्ञान और सशक्तिकरण में अग्रणी भूमिका का संदेश दिया गया।


