भोजपुर में लगातार गिरते तापमान और बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर निर्णय लिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का प्रकोप बने रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी तनय सुल्तानिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूल जिनमें नर्सरी, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं। कक्षा एक से नीचे तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 16 जनवरी 2026 से 17 जनवरी 2026 तक पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान इन कक्षाओं का संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा, ताकि छोटे बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। सुबह 10 बजे से पहले नहीं चलेंगे स्कूल कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालयों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इन कक्षाओं में सुबह 10 बजे से पहले और दोपहर 3:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि का संचालन नहीं किया जाएगा। यानी इन कक्षाओं का संचालन केवल निर्धारित समय के भीतर ही किया जा सकेगा। जिला दंडाधिकारी ने सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे आदेश के अनुरूप अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का पुनर्निर्धारण सुनिश्चित करें। हालांकि, प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं के लिए संचालित विशेष कक्षाओं और परीक्षाओं को इस आदेश से मुक्त रखा गया है, ताकि परीक्षार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके साथ ही निजी और सरकारी विद्यालयों से जुड़े सभी प्राधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश 15 जनवरी 2026 को जिला दंडाधिकारी तनय सुल्तानिया के हस्ताक्षर और न्यायालय की मुहर के साथ जारी किया गया। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और आवश्यक सावधानियां बरतें, ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। भोजपुर में लगातार गिरते तापमान और बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर निर्णय लिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का प्रकोप बने रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी तनय सुल्तानिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूल जिनमें नर्सरी, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं। कक्षा एक से नीचे तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 16 जनवरी 2026 से 17 जनवरी 2026 तक पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान इन कक्षाओं का संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा, ताकि छोटे बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। सुबह 10 बजे से पहले नहीं चलेंगे स्कूल कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालयों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इन कक्षाओं में सुबह 10 बजे से पहले और दोपहर 3:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि का संचालन नहीं किया जाएगा। यानी इन कक्षाओं का संचालन केवल निर्धारित समय के भीतर ही किया जा सकेगा। जिला दंडाधिकारी ने सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे आदेश के अनुरूप अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का पुनर्निर्धारण सुनिश्चित करें। हालांकि, प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं के लिए संचालित विशेष कक्षाओं और परीक्षाओं को इस आदेश से मुक्त रखा गया है, ताकि परीक्षार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके साथ ही निजी और सरकारी विद्यालयों से जुड़े सभी प्राधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश 15 जनवरी 2026 को जिला दंडाधिकारी तनय सुल्तानिया के हस्ताक्षर और न्यायालय की मुहर के साथ जारी किया गया। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और आवश्यक सावधानियां बरतें, ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।


