कानपुर। सरकारी नौकरी का सुनहरा सपना दिखाकर युवाओं से करोड़ों की ठगी करने वाले शातिर का खेल आखिरकार खत्म हो गया। कल्याणपुर पुलिस ने 25 हजार के इनामी ठग सतनाम सिंह को लखनऊ के जानकीपुरम इलाके से दबोच लिया। गिरफ्तारी के साथ ही उस ठगी नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं, जिसने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर के सहारे कई परिवारों की उम्मीदें तोड़ दी थीं।
नगर निगम में नौकरी दिलाने का दिया था झांसा –
पुलिस के मुताबिक, नौबस्ता के पशुपति नगर निवासी ए.के. बाजपेई ने वर्ष 2023 में मुकदमा दर्ज कर बताया था कि वर्ष 2020 में आईआईटी देवी सहाय नगर निवासी सतनाम सिंह ने सरकार में गहरी पैठ का दावा किया। उसने नगर निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई युवाओं के नाम पर 81.60 लाख रुपये वसूल लिए। भरोसा जीतने के लिए उसने बाकायदा ज्वाइनिंग लेटर भी थमाए, जो बाद में फर्जी साबित हुए। जब पीड़ित ने रुपये लौटाने का दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा और फिर अचानक फरार हो गया। पुलिस ने तलाश तेज की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
25 हजार रुपये का इनाम हुआ था घोषित –
आखिरकार उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इनाम घोषित होते ही पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, जिसके बाद आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया।जांच में सामने आया है कि सतनाम सिंह कोई साधारण ठग नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उसने कुशीनगर में भी इसी तरह नौकरी के नाम पर ठगी को अंजाम दिया था।
क्या बोले थाना प्रभारी –
कल्याणपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों व पीड़ितों की संख्या की भी जांच की जा रही है। आरोपी को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।


