मधुबनी के सदर अस्पताल में सोमवार को स्किल बर्थ अटेंडेंट (एसबीए) प्रशिक्षण पूरा करने वाली नर्सों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि एसबीए प्रशिक्षण नर्सों को सुरक्षित प्रसव प्रबंधन की दिशा में सक्षम बनाता है। उन्होंने जोर दिया कि यह प्रशिक्षण न केवल मातृत्व सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता को भी मजबूत करता है। एसीएमओ डॉ. एस.एन. झा ने सभी प्रशिक्षित नर्सों से अपने कार्यस्थल पर प्रसव के दौरान सुरक्षित और मानक प्रक्रियाओं को अपनाने का आग्रह किया। उनका लक्ष्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और अधिक कमी लाना है। प्रशिक्षण के दौरान नर्सों को आपातकालीन प्रसव प्रबंधन, जटिलताओं की पहचान, नवजात शिशु की प्रारंभिक देखभाल और रेफरल प्रणाली से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण टीम ने प्रतिभागियों को विभिन्न चिकित्सा उपकरणों के उपयोग और आपात स्थितियों से निपटने के तौर-तरीके भी सिखाए। जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा ने बताया कि एसबीए प्रशिक्षण से प्रशिक्षित नर्सें प्रसव के दौरान जोखिमों को कम करने और मातृ-शिशु सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने कहा कि मधुबनी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. एस.एन. झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, प्रसव कक्ष इंचार्ज माधुरी कुमारी, प्रशिक्षण टीम के सदस्य और कई अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षण टीम द्वारा किया गया, जिसके अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और प्रशिक्षकों को धन्यवाद दिया गया। मधुबनी के सदर अस्पताल में सोमवार को स्किल बर्थ अटेंडेंट (एसबीए) प्रशिक्षण पूरा करने वाली नर्सों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि एसबीए प्रशिक्षण नर्सों को सुरक्षित प्रसव प्रबंधन की दिशा में सक्षम बनाता है। उन्होंने जोर दिया कि यह प्रशिक्षण न केवल मातृत्व सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता को भी मजबूत करता है। एसीएमओ डॉ. एस.एन. झा ने सभी प्रशिक्षित नर्सों से अपने कार्यस्थल पर प्रसव के दौरान सुरक्षित और मानक प्रक्रियाओं को अपनाने का आग्रह किया। उनका लक्ष्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और अधिक कमी लाना है। प्रशिक्षण के दौरान नर्सों को आपातकालीन प्रसव प्रबंधन, जटिलताओं की पहचान, नवजात शिशु की प्रारंभिक देखभाल और रेफरल प्रणाली से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण टीम ने प्रतिभागियों को विभिन्न चिकित्सा उपकरणों के उपयोग और आपात स्थितियों से निपटने के तौर-तरीके भी सिखाए। जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा ने बताया कि एसबीए प्रशिक्षण से प्रशिक्षित नर्सें प्रसव के दौरान जोखिमों को कम करने और मातृ-शिशु सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने कहा कि मधुबनी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. एस.एन. झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, प्रसव कक्ष इंचार्ज माधुरी कुमारी, प्रशिक्षण टीम के सदस्य और कई अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षण टीम द्वारा किया गया, जिसके अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और प्रशिक्षकों को धन्यवाद दिया गया।


