मैनपुरी में मनरेगा योजना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने न्याय पंचायत मधन के ग्राम नगला सावज में “मनरेगा बचाओ चौपाल” का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर मनरेगा में बदलाव कर मजदूरों की रोजी-रोटी पर चोट करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि देश की पहचान जवान और किसान से है, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों से दोनों वर्ग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अग्निवीर योजना से जवानों की स्थायी भर्ती खत्म की गई और अब मनरेगा में बदलाव कर किसानों व मजदूरों की आजीविका पर असर डाला जा रहा है। कुलश्रेष्ठ ने मनरेगा को ग्रामीण मजदूरों और किसानों को गारंटी के साथ रोजगार देने वाली एक मजबूत योजना बताया। उन्होंने दावा किया कि इस योजना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ग्राम नगला सावज के ग्रामीणों ने भी चौपाल में अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर काम नहीं मिलता और जब मिलता है तो भुगतान में देरी या कटौती की शिकायतें सामने आती हैं। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पहले केंद्र सरकार मनरेगा का 90 प्रतिशत भुगतान करती थी, लेकिन अब यह भार 40 प्रतिशत तक राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है। इससे मजदूरों को समय पर मजदूरी मिलना और भी मुश्किल हो रहा है। चौपाल में यह भी आरोप लगाया गया कि अब काम का निर्धारण केंद्रीय स्तर से किया जा रहा है, जिससे गांव स्तर पर मजदूरों की वास्तविक जरूरतों और प्राथमिकताओं की अनदेखी हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी गांव-गांव जाकर मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ेगी और किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी। इस कार्यक्रम में अनुपम शाक्य (जिला महासचिव, पीसीसी), डॉ. नवीन शर्मा (जिला कोषाध्यक्ष), पंकज कुमार (जिला महासचिव) सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। चौपाल के माध्यम से कांग्रेस ने संकेत दिया है कि आगामी दिनों में मनरेगा के मुद्दे पर जिले में आंदोलन तेज किया जाएगा।


