Saudi citizens travel ban: सऊदी अरब सरकार ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। इन नए प्रावधानों के तहत अब बिना अनुमति प्रतिबंधित देशों की यात्रा करने पर भारी जुर्माना और लंबी अवधि का ट्रैवल बैन लगाया जाएगा। यह कदम देश के ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स कानून के तहत उठाया गया है, जिसे आंतरिक मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सऊद बिन नाइफ (Prince Abdulaziz bin Saud bin Naif) की मंजूरी मिली है।
बिना अनुमति यात्रा पर कड़ी सजा
सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई नागरिक बिना अनुमति प्रतिबंधित देशों की यात्रा करता है, तो उस पर 30,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना और दो साल तक का यात्रा प्रतिबंध लगाया जा सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है तो जुर्माना बढ़ाकर 60,000 रियाल और ट्रैवल बैन पांच साल तक किया जा सकता है।
फर्जी दस्तावेज पर भी सख्ती
इन नए नियमों में यात्रा दस्तावेजों के दुरुपयोग को भी गंभीर अपराध माना गया है। अगर कोई व्यक्ति पासपोर्ट या अन्य दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करता है या किसी और को इस्तेमाल करने देता है तो उसे 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना और पांच साल तक का प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है। ऐसे मामलों को कानूनी कार्रवाई के लिए लोक अभियोजन को भेजा जाएगा।
किन देशों पर है रोक
ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स कानून के तहत आंतरिक मंत्रालय को यह अधिकार दिया गया है कि वह सुरक्षा, राजनीतिक या स्वास्थ्य कारणों के आधार पर प्रतिबंधित देशों की सूची तैयार करे और समय-समय पर उसे अपडेट करे। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य नागरिकों को जोखिम भरे या संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में जाने से रोकना है।
हाल ही में सरकार की तरफ से जारी प्रतिबंधित देशों की यात्रा सूची में ईरान, अफगानिस्तान, यमन, सीरिया, लेबनान और सोमालिया शामिल हैं। ये वे देश हैं जहां सुरक्षा या राजनीतिक हालात अस्थिर हैं।
कुछ मामलों में मिल सकती है छूट
सरकार ने यह भी कहा है कि कुछ खास परिस्थितियों में नियमों में छूट दी जा सकती है। इसमें पारिवारिक कारण, 48 घंटे से कम का ट्रांजिट और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग शामिल हो सकते हैं। सरकार ने इसको लेकर नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देश जरूर जांचें और आवश्यक अनुमति लें, क्योंकि नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई तय है।


