3 साल से हो रहे थे नजरअंदाज, आखिरकार सरफराज अहमद ने लिया संन्यास, बाबर को लेकर कही बड़ी बात

3 साल से हो रहे थे नजरअंदाज, आखिरकार सरफराज अहमद ने लिया संन्यास, बाबर को लेकर कही बड़ी बात

सरफराज ने पाकिस्तान को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में जीत दिलाई थी। वह जूनियर और सीनियर दोनों स्तरों पर आईसीसी खिताब जीतने वाले एकमात्र कप्तान हैं। 

Sarfaraz Ahmed Retirement: पाकिस्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज अहमद ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी, जिसके साथ करीब दो दशकों तक चले उनके करियर का समापन हो गया। सरफराज अहमद ने नवंबर 2007 में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। नवंबर 2021 में वह आखिरी बार पाकिस्तान की ओर से मैदान पर उतरे। 37 वर्षीय अहमद ने पाकिस्तान के लिए 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 मैच खेले। इन तीनों फॉर्मेट में कुल मिलाकर 6,164 रन बनाए, जिसमें छह शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं।

U19 वर्ल्डकप भी जीत चुके हैं सरफराज

सरफराज अहमद ने विकेट के पीछे उन्होंने 315 कैच लपके और 56 स्टंपिंग कीं। सरफराज ने पाकिस्तान को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में जीत दिलाई थी। वह जूनियर और सीनियर दोनों स्तरों पर आईसीसी खिताब जीतने वाले एकमात्र कप्तान हैं। सरफराज ने कहा, “पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। 2006 में अंडर-19 टीम को विश्व खिताब दिलाने से लेकर 2017 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी उठाने तक, पाकिस्तान की जर्सी में बिताया गया हर पल मेरे लिए बेहद खास रहा है। मैं अपने साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों का आभारी हूं, जिन्होंने पूरे करियर के दौरान मुझे अपना अटूट समर्थन दिया। सभी फॉर्मेट में पाकिस्तान की कप्तानी करना मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा था। मैंने हमेशा निडर क्रिकेट खेलने और एक एकजुट टीम बनाने की कोशिश की।”

सरफराज ने सभी फॉर्मेट में कुल मिलाकर 100 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की। उन्होंने बतौर कप्तान 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इसके अलावा, उन्होंने 50 वनडे मुकाबलों में पाकिस्तान की कमान संभाली। टेस्ट फॉर्मेट की बात करें, तो सरफराज ने 13 मुकाबलों में टीम को लीड किया है। सरफराज के नेतृत्व में टीम टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंची। पाकिस्तान ने लगातार 11 टी20 सीरीज जीतने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। इस दौरान वेस्टइंडीज, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और स्कॉटलैंड के खिलाफ छह ‘क्लीन स्वीप’ शामिल हैं।

कप्तान के तौर पर उनका सबसे गौरवपूर्ण पल लंदन के ‘द ओवल’ मैदान पर आया, जब 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 180 रनों से हराया था। इससे पहले, 2006 में श्रीलंका में आयोजित आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में भी उन्होंने टीम की कप्तानी करते हुए टीम को खिताब दिलाया था। चैंपियंस ट्रॉफी में मिली उस जीत के सम्मान में, सरफराज को 2018 में ‘प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, वह यह सम्मान पाने वाले पाकिस्तान के सबसे युवा कप्तान बने थे।

अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स में, सरफराज के नाम एक ही टेस्ट मैच में 10 कैच लेने का पाकिस्तानी रिकॉर्ड है, जो उन्होंने 2019 में जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था। वह एकमात्र ऐसे पाकिस्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज भी हैं जिन्होंने लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाया है। उनकी कप्तानी का दौर पाकिस्तानी क्रिकेट की अगली पीढ़ी के लिए एक बेहतरीन नर्सरी साबित हुआ। बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी, हसन अली, इमाम-उल-हक, फहीम अशरफ, फखर जमान और शादाब खान जैसे खिलाड़ी उन्हीं में से हैं जिन्हें सरफराज ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत में ही पूरा समर्थन दिया था।

बाबर को लेकर कही बड़ी बात

सरफराज ने आगे कहा, “बाबर आजम, शाहीन अफरीदी, हसन अली और अन्य खिलाड़ियों को मेरी कप्तानी के दौरान मैच-विनर बनते देखना मेरी सबसे गर्व भरी उपलब्धियों में से एक है। मैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा कि उन्होंने इतने वर्षों तक मुझ पर भरोसा बनाए रखा। पाकिस्तानी क्रिकेट हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहा है और मैं हर संभव तरीके से इस खेल का समर्थन करता रहूंगा।”

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