Sara Ali Khan Need To Show Affidavit To Visit Badrinath-Kedarnath: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान अपनी फिल्मों और ग्लैमरस लाइफस्टाइल के साथ-साथ अपनी गहरी धार्मिक आस्था के लिए भी जानी जाती हैं। चाहे माथे पर चंदन का तिलक हो या साधारण सलवार-सूट में मंदिर की सीढ़ियां चढ़ना, सारा अक्सर अपनी आध्यात्मिक यात्राओं की वजह से चर्चा में रहती हैं। विशेष रूप से केदारनाथ धाम से उनका रिश्ता बेहद अटूट है। लेकिन अब खबर आ रही है कि बाबा केदार के दर्शन करना सारा के लिए पहले जितना आसान नहीं रह जाएगा। उन्हें दर्शन करने के लिए कुछ ऐसा करना होगा जिससे उन्हें एंट्री मिल पाए।
केदारनाथ से है सारा अली खान का खास कनेक्शन (Sara Ali Khan Need To Show Affidavit To Visit Badrinath-Kedarnath)
सारा अली खान के लिए केदारनाथ सिर्फ एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि एक जज्बात है। उनके करियर की शुरुआत ही साल 2018 (फिल्म ‘केदारनाथ’) में इसी पवित्र भूमि से हुई थी। शूटिंग के दौरान बाबा की नगरी से उनका ऐसा मन लगा कि वह हर साल वहां मत्था टेकने जरूर पहुंचती हैं। वह अक्सर कहती हैं कि उन्हें वहां जाकर एक अलग ही सुकून मिलता है। उनकी इस श्रद्धा ने उन्हें कई बार विवादों में भी घेरा, लेकिन सारा ने हमेशा अपनी आस्था को सबसे ऊपर रखा।

मंदिर समिति का क्या है नया नियम? (Sara Ali Khan Can Visit Kedarnath Temples After Submitting Affidavit)
हाल ही में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने नई बहस छेड़ दी है। 17 मार्च को चार धाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। जिसमें समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि अब मंदिर में गैर-सनातनी लोगों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
समिति का कहना है कि केदारनाथ की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है। हालांकि, जो लोग दूसरे धर्मों के हैं लेकिन सनातन धर्म में सच्ची आस्था रखते हैं, उनके लिए एक विकल्प रखा गया है।
देना होगा ‘आस्था का प्रमाण’ (Sara Ali Khan Asked To Submit Affidavit for Kedarnath Darshan Over Muslim Identity)
नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई गैर-सनातनी व्यक्ति मंदिर में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे एक शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा। इसमें उन्हें यह स्पष्ट रूप से लिखकर देना होगा कि उनकी सनातन धर्म में पूर्ण श्रद्धा है।
हैरानी की बात यह है कि इस नियम को समझाते हुए समिति के अध्यक्ष ने सीधे तौर पर सारा अली खान का नाम लिया। उन्होंने कहा कि सारा अली खान जैसे श्रद्धालु, जिनकी जड़ें अलग-अलग धर्मों से जुड़ी हैं, यदि वह अपनी आस्था का लिखित प्रमाण (एफिडेविट) देती हैं, तभी उन्हें मंदिर के गर्भगृह और दर्शन की अनुमति दी जाएगी, वरना उन्हें भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।


