भास्कर न्यूज| पूर्णिया सूरज बिहारी की जिस तरह सरेआम नृशंस हत्या की गई, उसकी जितनी निंदा की जाय कम होगी। 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है लेकिन सूरज के नामजद हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह सरकार तो बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार है तो अब तक चुप क्यों है। आखिर अपराधियों को इतनी हिम्मत कहां से मिल रही है। पुलिस को यह भी बताना चाहिए कि इन अपराधियों को किसका संरक्षण मिल रहा है। उक्त बातें पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने गुरुवार को सूरज बिहारी के हत्या के विरोध में निकाले गए मार्च में शामिल होने के बाद कही। यह प्रतिरोध मार्च विभिन्न संगठनों द्वारा फोर्ड कंपनी चौक से आरएनसाह चौक तक निकाला गया। अपराधियों पर है नकेल कसने की जरूरत पूर्व सांसद ने कहा कि पूर्णिया के लोग भयभीत हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पता नहीं किसकी नजर पूर्णिया को लग गई है। ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने की जरूरत है।या तो इन अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलना चाहिए या एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग्रह होगा कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाय ताकि सूरज के परिवार को न्याय मिल सके और कानून व्यवस्था पर उनका भरोसा कायम रहे। भास्कर न्यूज| पूर्णिया सूरज बिहारी की जिस तरह सरेआम नृशंस हत्या की गई, उसकी जितनी निंदा की जाय कम होगी। 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है लेकिन सूरज के नामजद हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह सरकार तो बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार है तो अब तक चुप क्यों है। आखिर अपराधियों को इतनी हिम्मत कहां से मिल रही है। पुलिस को यह भी बताना चाहिए कि इन अपराधियों को किसका संरक्षण मिल रहा है। उक्त बातें पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने गुरुवार को सूरज बिहारी के हत्या के विरोध में निकाले गए मार्च में शामिल होने के बाद कही। यह प्रतिरोध मार्च विभिन्न संगठनों द्वारा फोर्ड कंपनी चौक से आरएनसाह चौक तक निकाला गया। अपराधियों पर है नकेल कसने की जरूरत पूर्व सांसद ने कहा कि पूर्णिया के लोग भयभीत हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पता नहीं किसकी नजर पूर्णिया को लग गई है। ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने की जरूरत है।या तो इन अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलना चाहिए या एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग्रह होगा कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाय ताकि सूरज के परिवार को न्याय मिल सके और कानून व्यवस्था पर उनका भरोसा कायम रहे।


