सहरसा के स्थानीय प्रेक्षा गृह में रविवार शाम संत शिरोमणि गुरु रविदास की 679वीं जयंती पर भव्य संत रविदास महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इसमें स्थानीय और आमंत्रित कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। महोत्सव के दौरान लोकगीत, गुरु रविदास रचित भजन, शास्त्रीय संगीत, नाटक, लोक नृत्य और व्याख्यान जैसी विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से संत रविदास के जीवन दर्शन और उनके समता, समानता तथा सामाजिक न्याय के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त (DDC) गौरव कुमार, सिविल सर्जन और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर DDC गौरव कुमार ने अपने संबोधन में संत शिरोमणि गुरु रविदास को महान पथप्रदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समतामूलक समाज की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, और उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा दे रहे हैं। DDC गौरव कुमार ने स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि सहरसा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कलाकारों को अपने क्षेत्र में निरंतर मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया और आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन नियमानुसार उन्हें हर संभव प्रोत्साहन देने के लिए तत्पर रहेगा।
महोत्सव के समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों और प्रतिभागियों को पारंपरिक शाल, पाग और संत रविदास की छवि भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रेक्षा गृह में उत्साहपूर्ण माहौल रहा और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। इस महोत्सव ने सांस्कृतिक समृद्धि के साथ-साथ सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को भी मजबूती से आगे बढ़ाया। सहरसा के स्थानीय प्रेक्षा गृह में रविवार शाम संत शिरोमणि गुरु रविदास की 679वीं जयंती पर भव्य संत रविदास महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इसमें स्थानीय और आमंत्रित कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। महोत्सव के दौरान लोकगीत, गुरु रविदास रचित भजन, शास्त्रीय संगीत, नाटक, लोक नृत्य और व्याख्यान जैसी विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से संत रविदास के जीवन दर्शन और उनके समता, समानता तथा सामाजिक न्याय के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त (DDC) गौरव कुमार, सिविल सर्जन और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर DDC गौरव कुमार ने अपने संबोधन में संत शिरोमणि गुरु रविदास को महान पथप्रदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समतामूलक समाज की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, और उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा दे रहे हैं। DDC गौरव कुमार ने स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि सहरसा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कलाकारों को अपने क्षेत्र में निरंतर मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया और आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन नियमानुसार उन्हें हर संभव प्रोत्साहन देने के लिए तत्पर रहेगा।
महोत्सव के समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों और प्रतिभागियों को पारंपरिक शाल, पाग और संत रविदास की छवि भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रेक्षा गृह में उत्साहपूर्ण माहौल रहा और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। इस महोत्सव ने सांस्कृतिक समृद्धि के साथ-साथ सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को भी मजबूती से आगे बढ़ाया।


