संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोनीपत में लड्डू बांटकर खुशी मनाई है। करीब 11 साल से जारी जेल का सफर अब खत्म होने की ओर है। साल 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम से गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद रामपाल को मिली।
इस राहत ने उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही रिहा हो सकते हैं। इस खबर के सामने आते ही हरियाणा समेत कई राज्यों में फैले उनके अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
11 साल बाद मिली राहत, हाईकोर्ट ने दी जमानत
संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से विभिन्न मामलों में जेल में बंद रामपाल को अब जमानत मिल गई है। करीब 11 वर्षों से वह सलाखों के पीछे थे और अब कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
2014 में बरवाला आश्रम से हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि 19 नवंबर 2014 को हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम से संत रामपाल को गिरफ्तार किया गया था। उस समय आश्रम में बड़े स्तर पर विवाद और टकराव की स्थिति बनी थी। उनके खिलाफ देशद्रोह सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए थे, जिसके बाद से वह लगातार जेल में बंद थे।
हिसार जेल से रिहाई की तैयारी, कल आ सकते हैं बाहर
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब संत रामपाल की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह हिसार सेंट्रल जेल से जल्द बाहर आ सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि वह कल तक जेल से रिहा हो सकते हैं।
गोहाना के धनाना गांव से जुड़ा है संत रामपाल का मूल निवास
संत रामपाल हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के धनाना गांव के रहने वाले हैं। उनके गांव में भी सतलोक आश्रम स्थित है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि जेल से बाहर आने के बाद वह अपने पैतृक गांव धनाना स्थित आश्रम में पहुंच सकते हैं, जहां उनके अनुयायी पहले से ही तैयारी में जुटे हुए हैं।
अनुयायियों में जश्न, लड्डू बांटकर मनाई खुशी
जैसे ही जमानत की खबर सामने आई, उनके अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। धनाना गांव समेत विभिन्न स्थानों पर समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कई जगहों पर लड्डू बांटे गए और एक-दूसरे को बधाई दी गई। उनके अनुयायी इस दिन को लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं।
परिवार ने बताया राजनीतिक साजिश, फैसले का किया स्वागत
संत रामपाल के भतीजे युद्धवीर दास ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके गुरुजी 11-12 साल बाद जेल से बाहर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संत रामपाल को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने “दूध का दूध और पानी का पानी” कर दिया है और यह दिन उनके लिए बेहद खास है।
प्रशासन अलर्ट, गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
संत रामपाल की रिहाई को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। उनके आश्रमों और आसपास के इलाकों में गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
रिहाई के बाद संत रामपाल के अपने पैतृक गांव धनाना स्थित आश्रम पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यहां उनके अनुयायी बड़ी संख्या में जुट सकते हैं, जिसे देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं।


