झालावाड़ में संत शिरोमणि पीपाजी महाराज का 703वां जयंती महोत्सव रविवार को शुरू हुआ। पांच दिवसीय इस महोत्सव का आगाज गौमाता के पूजन और साधु-संतों की उपस्थिति में हुआ। महाराज झन्कारेश्वर दास त्यागी ने बताया कि पीपाधाम पर संत पीपानन्दाचार्यजी महाराज का यह जयंती महोत्सव रविवार से प्रारंभ हुआ। प्रातःकाल सुरभि (गौमाता) का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद संत पीपाजी महाराज के समाधि स्थल पर मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। देशभर से आए साधु-संतों और भक्तजनों ने पीपाधाम परिसर में संगीतमय भक्तमाल का पाठ प्रारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी संतों का माला पहनाकर, तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
दोपहर बाद संतों के प्रवचन हुए, जिसमें पीपाजी महाराज के जीवन चरित्र और भक्तों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया। संतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि प्रभु की प्राप्ति का सबसे सुगम मार्ग भक्ति है। भक्ति के माध्यम से संतों ने बड़े समाज सुधारक कार्य किए और भक्ति आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया। महोत्सव के दौरान पीपाधाम पर वृन्दावन के वैद्य द्वारा निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है।


