नवादा के संस्कार नीरज सैनिक स्कूल परीक्षा में टॉप:300 में 279 नंबर लाए, सामान्य वर्ग में 39वां और ऑल इंडिया 530वां रैंक हासिल

नवादा के संस्कार नीरज सैनिक स्कूल परीक्षा में टॉप:300 में 279 नंबर लाए, सामान्य वर्ग में 39वां और ऑल इंडिया 530वां रैंक हासिल

नवादा के छात्र संस्कार नीरज ने सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने 300 में से 279 अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया। संस्कार ने सामान्य श्रेणी में 39वां और अखिल भारतीय स्तर पर 530वां रैंक हासिल किया है। यह परीक्षा झारखंड के कोडरमा में आयोजित की गई थी। परिणाम घोषित होने के बाद संस्कार के घर पहुंचने पर परिवार के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वह शिक्षक नीरज कुमार के सबसे बड़े पुत्र हैं। अपनी उपलब्धि पर संस्कार नीरज ने गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें बेहतर स्कूल में पढ़ने का अवसर दिया है। संस्कार ने कहा कि वह अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए देश की सेवा करना चाहते हैं। 10 वर्ष की आयु में ही उनका देश सेवा का जुनून स्पष्ट है। प्रवेश परीक्षा सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण
सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। इस कठिन परीक्षा में संस्कार नीरज ने अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल किया। परिवार के सदस्यों ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। संस्कार की माता प्रियंका भारती ने बताया कि बेटे को खुद से दूर भेजना मुश्किल था, लेकिन बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने अन्य माता-पिता को भी बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए ऐसे कदम उठाने की सलाह दी। प्रियंका भारती ने कहा कि उनके बेटे का जुनून देश की रक्षा करना और भविष्य में सेना में शामिल होना है। नवादा के छात्र संस्कार नीरज ने सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने 300 में से 279 अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया। संस्कार ने सामान्य श्रेणी में 39वां और अखिल भारतीय स्तर पर 530वां रैंक हासिल किया है। यह परीक्षा झारखंड के कोडरमा में आयोजित की गई थी। परिणाम घोषित होने के बाद संस्कार के घर पहुंचने पर परिवार के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वह शिक्षक नीरज कुमार के सबसे बड़े पुत्र हैं। अपनी उपलब्धि पर संस्कार नीरज ने गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें बेहतर स्कूल में पढ़ने का अवसर दिया है। संस्कार ने कहा कि वह अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए देश की सेवा करना चाहते हैं। 10 वर्ष की आयु में ही उनका देश सेवा का जुनून स्पष्ट है। प्रवेश परीक्षा सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण
सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। इस कठिन परीक्षा में संस्कार नीरज ने अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल किया। परिवार के सदस्यों ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। संस्कार की माता प्रियंका भारती ने बताया कि बेटे को खुद से दूर भेजना मुश्किल था, लेकिन बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने अन्य माता-पिता को भी बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए ऐसे कदम उठाने की सलाह दी। प्रियंका भारती ने कहा कि उनके बेटे का जुनून देश की रक्षा करना और भविष्य में सेना में शामिल होना है।  

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