Anil Kumble on Sanju Samson: भारत के टी20 विश्व कप जीतने के अभियान में अहम भूमिका निभाने के बाद संजू सैमसन अब चेन्नई सुपर किंग्स के साथ आईपीएल में एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। पिछले कुछ सीजन राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी के बाद सैमसन अब एक अलग टीम से जुड़ने को बेताब हैं। जहां टीम की कमान ऋतुराज गायकवाड़ के हाथों में होगी। संजू इस टीम में किस भूमिका में होंगे? ये अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर तब जब एमएस धोनी अभी भी टीम में हैं, जिसका असर उनके विकेटकीपिंग करने के मौकों पर पड़ सकता है।
चेपॉक का नया माहौल संजू की परीक्षा लेगा
चेपॉक का नया माहौल संजू सैमसन के ढलने की क्षमता की परीक्षा लेगा, लेकिन यह उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बड़ा मंच भी देगा। उनके पीछे पहले से ही एक मज़बूत फैन बेस मौजूद है, ऐसे में सीएसके के साथ बिताया गया समय आने वाले सीजन में उनकी लोकप्रियता को और भी बढ़ा सकता है।
पीढ़ीगत बदलाव पर दिया जोर
सैमसन को टीम में शामिल करने के सीएसके के फैसले पर अपनी राय देते हुए अनिल कुंबले ने भारतीय क्रिकेट नेतृत्व में आए पीढ़ीगत बदलाव पर जोर दिया। कुंबले ने कहा कि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक… भारतीय क्रिकेट में कप्तानी की बागडोर एक से दूसरे के हाथ में जाती रही है। सुनील गावस्कर से सचिन तक, फिर विराट तक, और एमएस धोनी भी इसी दौर का हिस्सा रहे हैं।
धोनी और विराट कोहली के दौर से पहले राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे खिलाड़ी थे, जिनका जलवा आज भी कायम है। इस लिहाज से संजू का टीम में आना सीएसके के लिए एक बेहतरीन कदम है। सोने पर सुहागा यह है कि आईपीएल से ठीक पहले उनकी फॉर्म जबरदस्त रही है और उन्होंने लगातार तीन शानदार पारियां खेलकर भारत को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई है।
‘केरल में जन्मे हैं, तमिल बोलते हैं’
उन्होंने कहा कि सैमसन को टीम में शामिल करने का फैसला सिर्फ उनके खेल कौशल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उनके स्थानीय जुड़ाव और सांस्कृतिक तालमेल को भी ध्यान में रखा गया है। मुझे यकीन है कि इससे फ्रेंचाइजी की फैन फॉलोइंग में जरूर बढ़ोतरी होगी। चेन्नई के नज़रिए से देखें, तो वह उनकी जरूरतों के हिसाब से एकदम सही बैठते हैं। केरल में जन्मे हैं, तमिल बोलते हैं, इसलिए एक जुड़ाव महसूस होता है, विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, इसलिए धोनी की ही तरह हैं और उनका अनुभव सीएसके के लिए बहुत कीमती साबित होगा।
‘रुतुराज उपलब्ध नहीं होते हैं, तो धोनी की जगह संजू कप्तानी संभालेंगे’
कुंबले ने आगे कहा कि संजू ने लंबे समय तक राजस्थान की कप्तानी की है, इसलिए लीडरशिप की भूमिका निभाना उनके लिए स्वाभाविक है और सीएसके भी ठीक इसी चीज की तलाश में है। पिछले साल जब रुतुराज चोटिल हो गए थे तो धोनी को कप्तानी संभालनी पड़ी थी और उससे पहले, जब रवींद्र जडेजा कप्तान थे, तब भी सीजन के बीच में ही धोनी को वापस कप्तान बनना पड़ा था। इसलिए एमएस के बाद अगला कप्तान कौन होगा, यह तय करने में कुछ चुनौतियां जरूर आई हैं।
रुतुराज को इस भूमिका के लिए चुना गया था और यह अच्छी बात है कि संजू के टीम में शामिल होने के बावजूद रुतुराज ही कप्तान बने हुए हैं। अगर सीजन के दौरान किसी भी समय धोनी विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू को सौंप देते हैं तो मुझे कोई हैरानी नहीं होगी। वह लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा होंगे और अगर रुतुराज चोट या किसी और वजह से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, तो शायद एमएस की जगह संजू ही कप्तानी संभालेंगे।


