अररिया नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने आउटसोर्सिंग कंपनी को काम दिए जाने के विरोध में सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन नगर परिषद क्षेत्र के कई इलाकों में कचरा उठाव नहीं हो सका, जिससे गंदगी का अंबार लग गया है। शहर के चांदनी चौक, अस्पताल रोड और हटिया रोड सहित कई स्थानों पर सड़कों के किनारे कचरा जमा हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। अधिकारों और रोजगार के लिए उचित नहीं हड़ताल कर रहे सफाई कर्मियों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपना उनके अधिकारों और रोजगार के लिए उचित नहीं है। वे ठेकेदार के अधीन काम नहीं करना चाहते हैं। सफाई कर्मियों के महासचिव संतोष कुमार ने बताया कि वे पहले की व्यवस्था के तहत ही काम करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और काम बंद रहेगा। काम पर लौटने के लिए मनाने का प्रयास किया जाएगा इस मामले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि विभागीय आदेश के बाद ही आउटसोर्सिंग कंपनी को सफाई का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को समझाने और काम पर लौटने के लिए मनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। राज ने यह भी कहा कि यदि सफाई कर्मी काम पर नहीं लौटते हैं, तो नगर परिषद अन्य लोगों की व्यवस्था कर सफाई कार्य को जारी रखने की कोशिश करेगा। इस विरोध प्रदर्शन में पवन कुमार, संजय कुमार, दिलीप कुमार, अनीता देवी समेत कई महिला और पुरुष सफाई कर्मी शामिल थे। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था ठप पड़ने से आम लोगों में चिंता बढ़ गई है, और सभी की निगाहें इस विवाद के समाधान पर टिकी हैं। अररिया नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने आउटसोर्सिंग कंपनी को काम दिए जाने के विरोध में सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन नगर परिषद क्षेत्र के कई इलाकों में कचरा उठाव नहीं हो सका, जिससे गंदगी का अंबार लग गया है। शहर के चांदनी चौक, अस्पताल रोड और हटिया रोड सहित कई स्थानों पर सड़कों के किनारे कचरा जमा हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। अधिकारों और रोजगार के लिए उचित नहीं हड़ताल कर रहे सफाई कर्मियों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपना उनके अधिकारों और रोजगार के लिए उचित नहीं है। वे ठेकेदार के अधीन काम नहीं करना चाहते हैं। सफाई कर्मियों के महासचिव संतोष कुमार ने बताया कि वे पहले की व्यवस्था के तहत ही काम करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और काम बंद रहेगा। काम पर लौटने के लिए मनाने का प्रयास किया जाएगा इस मामले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि विभागीय आदेश के बाद ही आउटसोर्सिंग कंपनी को सफाई का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को समझाने और काम पर लौटने के लिए मनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। राज ने यह भी कहा कि यदि सफाई कर्मी काम पर नहीं लौटते हैं, तो नगर परिषद अन्य लोगों की व्यवस्था कर सफाई कार्य को जारी रखने की कोशिश करेगा। इस विरोध प्रदर्शन में पवन कुमार, संजय कुमार, दिलीप कुमार, अनीता देवी समेत कई महिला और पुरुष सफाई कर्मी शामिल थे। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था ठप पड़ने से आम लोगों में चिंता बढ़ गई है, और सभी की निगाहें इस विवाद के समाधान पर टिकी हैं।


