फतेहाबाद शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई। आधे शहर में एक सप्ताह से कर्मचारी सफाई करने नहीं पहुंच रहे हैं। अब तो हालात और बदतर हो गए हैं। दरअसल, आधे शहर की सफाई नगर परिषद प्रशासन ने ठेके पर दी हुई थी। यह ठेका 25 दिसंबर को खत्म हो गया। इसके बाद दोबारा से टेंडर प्रक्रिया समय पर नहीं हो पाई है। इससे आम नागरिकों से लेकर पार्षदों व सफाई कर्मचारियों तक में रोष बढ़ा हुआ है। मगर इन सबके बावजूद अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। नए सिरे से टेंडर लगाने को लेकर कोई संतोषजनक जवाब अधिकारियों के पास नहीं है। 70 कर्मचारी भी हटा दिए गए टेंडर खत्म होने के बाद ठेकेदार द्वारा 70 सफाई कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। इससे एक तरफ जहां सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है, वहीं कर्मचारियों के सामने भी बेरोजगारी का संकट बढ़ गया है। नगरपालिका कर्मचारी संघ लगातार इन कर्मचारियों को वापस काम पर रखने की मांग कर रहा है। अधिकारियों को समय पर देना चाहिए था ध्यान पार्षद मोहनलाल नारंग, सुखदेव सिंह ने बताया कि अब दिन-प्रतिदिन सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। अधिकारियों को समय पर ध्यान देना चाहिए था। जब पता था कि टेंडर 25 दिसंबर को खत्म हो जाएगा तो समय रहते नया टेंडर लगा देते। मगर नगर परिषद में अधिकारियों की मनमानी बढ़ी हुई है। 3 महीने की अप्रूवल लें अधिकारी-संघ वहीं, नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान नरेश राणा का कहना है कि हटाए गए 70 सफाई कर्मचारियों को सफाई टेंडर जारी करके वापस ड्यूटी पर लिया जाए। जब तक टेंडर नहीं होता, ऐसे में 3 महीने की अप्रूवल लेकर इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेकर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए। नगर परिषद अधिकारी बातचीत के माध्यम से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की बजाय अडिय़ल रुख अपनाए हुए हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। संघ ने चेतावनी कि अगर जल्द ही इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।


