बक्सर के नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध नाथ बाबा मंदिर परिसर से चंदन चोरी की घटना को दो सप्ताह बीत चुके हैं। पुलिस ने चोरी की गई चंदन की लकड़ी बरामद कर ली है, लेकिन इस मामले के मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। चोरों का न पकड़ा जाना जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। 22 दिसंबर की रात को हुई थी चोरी यह घटना 22 दिसंबर की रात को हुई थी, जब मंदिर परिसर से दो कीमती सफेद चंदन के पेड़ काटकर चोरी कर लिए गए थे। चोर 15 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कई दिनों की छानबीन के बाद गंगा तट के पास से चोरी की गई चंदन की लकड़ी बरामद कर ली। पुलिस आरोपियों की तलाश में कर रही छापेमारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चंदन की लकड़ी की बरामदगी एक महत्वपूर्ण सफलता है। हालांकि, इस चोरी से जुड़े मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति की निशानदेही पर चंदन की लकड़ी बरामद हुई थी, वह भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना के दो हफ्ते बाद भी चोरों की गिरफ्तारी न होने को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब चोरी की गई लकड़ी मिल चुकी है, तो आरोपियों तक पहुंचने में इतनी देरी क्यों हो रही है। इस पर पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित मामला है और चोरों ने सबूत मिटाने की कोशिश की है, जिसके कारण जांच में समय लग रहा है। तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय इनपुट पर चल रही जांच पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी पर भी बिना ठोस प्रमाण के आरोप नहीं लगाए जाएंगे। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मंदिर से जुड़े लोगों या स्थानीय संपर्कों की भूमिका की भी तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। नाथ बाबा मंदिर जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में इस परिसर से चंदन जैसी कीमती लकड़ी की चोरी और आरोपियों का फरार रहना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल जिलेवासियों की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। बक्सर के नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध नाथ बाबा मंदिर परिसर से चंदन चोरी की घटना को दो सप्ताह बीत चुके हैं। पुलिस ने चोरी की गई चंदन की लकड़ी बरामद कर ली है, लेकिन इस मामले के मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। चोरों का न पकड़ा जाना जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। 22 दिसंबर की रात को हुई थी चोरी यह घटना 22 दिसंबर की रात को हुई थी, जब मंदिर परिसर से दो कीमती सफेद चंदन के पेड़ काटकर चोरी कर लिए गए थे। चोर 15 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कई दिनों की छानबीन के बाद गंगा तट के पास से चोरी की गई चंदन की लकड़ी बरामद कर ली। पुलिस आरोपियों की तलाश में कर रही छापेमारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चंदन की लकड़ी की बरामदगी एक महत्वपूर्ण सफलता है। हालांकि, इस चोरी से जुड़े मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति की निशानदेही पर चंदन की लकड़ी बरामद हुई थी, वह भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना के दो हफ्ते बाद भी चोरों की गिरफ्तारी न होने को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब चोरी की गई लकड़ी मिल चुकी है, तो आरोपियों तक पहुंचने में इतनी देरी क्यों हो रही है। इस पर पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित मामला है और चोरों ने सबूत मिटाने की कोशिश की है, जिसके कारण जांच में समय लग रहा है। तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय इनपुट पर चल रही जांच पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी पर भी बिना ठोस प्रमाण के आरोप नहीं लगाए जाएंगे। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मंदिर से जुड़े लोगों या स्थानीय संपर्कों की भूमिका की भी तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। नाथ बाबा मंदिर जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में इस परिसर से चंदन जैसी कीमती लकड़ी की चोरी और आरोपियों का फरार रहना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल जिलेवासियों की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


