गया के परैया प्रखंड के अमोखर गांव में आज डिप्टी सीएम पहुंचे। मंच पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी थे। सामने शहीद सूबेदार संतोष कुमार की प्रतिमा थी। ये मौका उनकी पहली पुण्यतिथि का था। श्रद्धांजलि भी और राजनीति का संदेश भी दिया गया। उपमुख्यमंत्री के गया आगमन पर जिला पुलिस ने स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर दी गई। कड़ी सुरक्षा रही। डीएम और वरीय पुलिस अधीक्षक समेत प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। लेकिन असली केंद्र गांव का वह स्मारक रहा जिसका अनावरण होते ही भीड़ ने “शहीद अमर रहें” के नारे लगाए। सम्राट चौधरी ने खुद को सैनिक का बेटा बताया सम्राट चौधरी ने कहा कि आज मेरा कार्यक्रम नहीं था। लेकिन विधायक ने कहा कि हमारे लोग हमें छोड़ कर चले गए। तब मुझे दूसरे कार्यक्रम रद्द करने पड़े। उन्होंने खुद को सैनिक का बेटा बताते हुए कहा कि उनके पिता तीन युद्ध लड़ चुके हैं। शहीद परिवार का सपना अधूरा नहीं रहेगा। सरकार साथ है। बिहार और दिल्ली सरकार दोनों साथ हैं। मंच से उन्होंने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात कर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की बात कही। डीएम शशांक शुभंकर को निर्देश दिया कि एक एकड़ जमीन उपलब्धता के आधार पर परिवार को दी जाए। गांव में अतिरिक्त पीएचसी के निर्माण का भी आश्वासन दिया। कहा कि अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश होगी और शहीद संतोष के नाम पर स्वास्थ्य केंद्र का काम शुरू होगा। सभा में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठा सभा में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। उन्होंने कहा कि अब सेना के हाथ खुले हैं। सीमा पार से हर हरकत का जवाब मिलेगा। जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास की राजनीति करने की बात दोहराई। उद्योग, रोजगार और पलायन रोकने को सरकार की प्राथमिकता बताया। दावा किया कि अगले पांच वर्षों में बाहर जाने वाले मजदूरों को चिन्हित कर बिहार में ही काम देने की योजना बनेगी। उन्होंने बिहार की पुरानी तस्वीर भी खींची। कहा कि 27 साल पहले बिहार का बजट 6000 करोड़ था। सड़क, बिजली, पानी की कमी थी। आज पटना से गया डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है। सुशासन को और ताकत देनी है। उन्होंने शहीद की पत्नी कनक और परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर मांग की समीक्षा होगी। अमोखर में यह सिर्फ सभा नहीं थी। यह संदेश भी था कि शहादत की जमीन पर राजनीति का स्वर बदला हुआ है। सरकार ने वादा किया है। अब निगाहें अमल पर रहेंगी। गया के परैया प्रखंड के अमोखर गांव में आज डिप्टी सीएम पहुंचे। मंच पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी थे। सामने शहीद सूबेदार संतोष कुमार की प्रतिमा थी। ये मौका उनकी पहली पुण्यतिथि का था। श्रद्धांजलि भी और राजनीति का संदेश भी दिया गया। उपमुख्यमंत्री के गया आगमन पर जिला पुलिस ने स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर दी गई। कड़ी सुरक्षा रही। डीएम और वरीय पुलिस अधीक्षक समेत प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। लेकिन असली केंद्र गांव का वह स्मारक रहा जिसका अनावरण होते ही भीड़ ने “शहीद अमर रहें” के नारे लगाए। सम्राट चौधरी ने खुद को सैनिक का बेटा बताया सम्राट चौधरी ने कहा कि आज मेरा कार्यक्रम नहीं था। लेकिन विधायक ने कहा कि हमारे लोग हमें छोड़ कर चले गए। तब मुझे दूसरे कार्यक्रम रद्द करने पड़े। उन्होंने खुद को सैनिक का बेटा बताते हुए कहा कि उनके पिता तीन युद्ध लड़ चुके हैं। शहीद परिवार का सपना अधूरा नहीं रहेगा। सरकार साथ है। बिहार और दिल्ली सरकार दोनों साथ हैं। मंच से उन्होंने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात कर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की बात कही। डीएम शशांक शुभंकर को निर्देश दिया कि एक एकड़ जमीन उपलब्धता के आधार पर परिवार को दी जाए। गांव में अतिरिक्त पीएचसी के निर्माण का भी आश्वासन दिया। कहा कि अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश होगी और शहीद संतोष के नाम पर स्वास्थ्य केंद्र का काम शुरू होगा। सभा में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठा सभा में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। उन्होंने कहा कि अब सेना के हाथ खुले हैं। सीमा पार से हर हरकत का जवाब मिलेगा। जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास की राजनीति करने की बात दोहराई। उद्योग, रोजगार और पलायन रोकने को सरकार की प्राथमिकता बताया। दावा किया कि अगले पांच वर्षों में बाहर जाने वाले मजदूरों को चिन्हित कर बिहार में ही काम देने की योजना बनेगी। उन्होंने बिहार की पुरानी तस्वीर भी खींची। कहा कि 27 साल पहले बिहार का बजट 6000 करोड़ था। सड़क, बिजली, पानी की कमी थी। आज पटना से गया डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है। सुशासन को और ताकत देनी है। उन्होंने शहीद की पत्नी कनक और परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर मांग की समीक्षा होगी। अमोखर में यह सिर्फ सभा नहीं थी। यह संदेश भी था कि शहादत की जमीन पर राजनीति का स्वर बदला हुआ है। सरकार ने वादा किया है। अब निगाहें अमल पर रहेंगी।


