समस्तीपुर के डॉ. हेमंत ने विदेश में लहराया परचम:पोलियो ग्रस्त होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी, चाइल्ड स्पेशलिस्ट बने; अब पैरा बैडमिंटन में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे

समस्तीपुर के डॉ. हेमंत ने विदेश में लहराया परचम:पोलियो ग्रस्त होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी, चाइल्ड स्पेशलिस्ट बने; अब पैरा बैडमिंटन में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे

समस्तीपुर के डॉ. हेमंत कुमार पैरा बैडमिंटन में राज्य, देश के बाद अब विदेशों में भी भारत का झंडा बुलंद कर रहे हैं। बचपन में पोलियो ग्रस्त होने के बाद भी हार नहीं मानी। अपनी मेहनत के बल पर चाइल्ड स्पेशलिस्ट बने। बचपन से ही खेल के प्रति लगाव था, एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद मैदान जाना नहीं छोड़ा। अपनी मेहनत और लगन से दिसंबर 2025 में नाइजीरिया में आयोजित पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया। डॉ. हेमंत की सफलता वैसे लोगों के लिए नजीर साबित हो रही है जो यह कहकर हार मान जाते हैं कि वह तो दिव्यांग हैं। अब कुछ भी नहीं कर सकेंगे। खेल विभाग ने किया सम्मानित पोलियो ग्रस्त होने के कारण डॉ. हेमंत पारा बैंडमिटन टीम के लिए खेलते हैं। पिछले साल दिसंबर में नाइजीरिया में आयोजित इंटरनेशलन पारा बैंडमिंटर टूर्नामेंट में मेंस डबल और मिक्स डबल में कांस्य पदक देश को दिलाया। पिछले सप्ताह शहर के पटेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय पारा बैंडमिंटन टूर्नामेंट में उन्हें जिला खेल विभाग की ओर से सम्मानित भी किया गया। मरीज और खेल के बीच बनाया संतुलन डॉ हेमंत कुमार चाइल्ड स्पेशलिस्ट हैं। जिस कारण इनके क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इसके बावजूद रोजाना अभ्यास के लिए समय निकाल लेते हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। जरूत है कुछ करने के लिए संकल्पित होने की। फिर सफलता आपकी कदम चूमेगी। किसी भी लोगों के पास समय नहीं होता, अपने लिए समय निकालना होता है। शुरू से ही खेल के प्रति लगाव रहा। बचपन में पोलियो ग्रस्त होने के कारण मन छोटा हो गया था। लगा कि अब कभी खेल नहीं पाऊंगा, लेकिन माता- पिता ने संभाला और हिम्मत दी कि कोई बात नहीं तुम खेल सकते हो। इंटर की पढ़ाई के बाद मेडिकल के लिए सिलेक्शन हो गया। मेडिकल की पढ़ाई खत्म होने के बाद एक फिर फील्ड में पहुंचकर अभ्यास शुरू किया। बिहार पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में गोल्ड और सिल्वर जीतने के बाद लगातार देश के लिए खेल रहे हैं। कुछ दिन विदेश दौरा शुरू होने वाला है।
इन देशों में भारत का किया प्रतिनिधित्व 2022 इंडोनेशिया पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में प्री-क्वार्टर फाइनल खेला। 2024 थाईलैंड पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में प्री-क्वार्टर फाइनल खेला। 2024 जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल खेला। 2025 इजिप्ट पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल खेला। 2025 नाइजीरिया पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। समस्तीपुर के डॉ. हेमंत कुमार पैरा बैडमिंटन में राज्य, देश के बाद अब विदेशों में भी भारत का झंडा बुलंद कर रहे हैं। बचपन में पोलियो ग्रस्त होने के बाद भी हार नहीं मानी। अपनी मेहनत के बल पर चाइल्ड स्पेशलिस्ट बने। बचपन से ही खेल के प्रति लगाव था, एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद मैदान जाना नहीं छोड़ा। अपनी मेहनत और लगन से दिसंबर 2025 में नाइजीरिया में आयोजित पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया। डॉ. हेमंत की सफलता वैसे लोगों के लिए नजीर साबित हो रही है जो यह कहकर हार मान जाते हैं कि वह तो दिव्यांग हैं। अब कुछ भी नहीं कर सकेंगे। खेल विभाग ने किया सम्मानित पोलियो ग्रस्त होने के कारण डॉ. हेमंत पारा बैंडमिटन टीम के लिए खेलते हैं। पिछले साल दिसंबर में नाइजीरिया में आयोजित इंटरनेशलन पारा बैंडमिंटर टूर्नामेंट में मेंस डबल और मिक्स डबल में कांस्य पदक देश को दिलाया। पिछले सप्ताह शहर के पटेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय पारा बैंडमिंटन टूर्नामेंट में उन्हें जिला खेल विभाग की ओर से सम्मानित भी किया गया। मरीज और खेल के बीच बनाया संतुलन डॉ हेमंत कुमार चाइल्ड स्पेशलिस्ट हैं। जिस कारण इनके क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इसके बावजूद रोजाना अभ्यास के लिए समय निकाल लेते हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। जरूत है कुछ करने के लिए संकल्पित होने की। फिर सफलता आपकी कदम चूमेगी। किसी भी लोगों के पास समय नहीं होता, अपने लिए समय निकालना होता है। शुरू से ही खेल के प्रति लगाव रहा। बचपन में पोलियो ग्रस्त होने के कारण मन छोटा हो गया था। लगा कि अब कभी खेल नहीं पाऊंगा, लेकिन माता- पिता ने संभाला और हिम्मत दी कि कोई बात नहीं तुम खेल सकते हो। इंटर की पढ़ाई के बाद मेडिकल के लिए सिलेक्शन हो गया। मेडिकल की पढ़ाई खत्म होने के बाद एक फिर फील्ड में पहुंचकर अभ्यास शुरू किया। बिहार पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में गोल्ड और सिल्वर जीतने के बाद लगातार देश के लिए खेल रहे हैं। कुछ दिन विदेश दौरा शुरू होने वाला है।
इन देशों में भारत का किया प्रतिनिधित्व 2022 इंडोनेशिया पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में प्री-क्वार्टर फाइनल खेला। 2024 थाईलैंड पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में प्री-क्वार्टर फाइनल खेला। 2024 जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल खेला। 2025 इजिप्ट पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल खेला। 2025 नाइजीरिया पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।  

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