समस्तीपुर पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाते हुए भाकपा माले ने पीड़ित मनीष पोद्दार को न्याय दिलाने के लिए 10 जनवरी को न्याय मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च ताजपुर अस्पताल चौक से शुरू होगा। भाकपा माले का आरोप है कि ताजपुर पुलिस ने मनीष पोद्दार को थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया, जिससे उसकी हालत मरणासन्न हो गई है। पुलिस पर मनीष को बेरहमी से पीटने और उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। टीम ने पड़ोसियों से की बात इस मामले की जांच के लिए भाकपा माले ने एक टीम गठित की थी, जिसका नेतृत्व प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया। टीम में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर सिंह, आसिफ होदा और मो. एजाज शामिल थे। टीम ने पीड़ित के गांव और घर का दौरा कर परिजनों व पड़ोसियों से बात की। जांच के बाद सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मनीष पोद्दार ने करीब दस साल तक दूसरी सोना-चांदी की दुकान में काम किया था, लेकिन उस पर कभी कोई आरोप या मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। समाज में भी उसका स्वभाव अच्छा था। वह एक गरीब परिवार से है और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। माले नेताओं ने बताया कि पुलिस की इस कथित क्रूरता से ग्रामीण आक्रोशित हैं। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए डीएसएपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की है, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मियों या थानाध्यक्ष पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भाकपा माले ने ताजपुर के निवासियों से 10 जनवरी के न्याय मार्च में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। समस्तीपुर पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाते हुए भाकपा माले ने पीड़ित मनीष पोद्दार को न्याय दिलाने के लिए 10 जनवरी को न्याय मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च ताजपुर अस्पताल चौक से शुरू होगा। भाकपा माले का आरोप है कि ताजपुर पुलिस ने मनीष पोद्दार को थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया, जिससे उसकी हालत मरणासन्न हो गई है। पुलिस पर मनीष को बेरहमी से पीटने और उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। टीम ने पड़ोसियों से की बात इस मामले की जांच के लिए भाकपा माले ने एक टीम गठित की थी, जिसका नेतृत्व प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया। टीम में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर सिंह, आसिफ होदा और मो. एजाज शामिल थे। टीम ने पीड़ित के गांव और घर का दौरा कर परिजनों व पड़ोसियों से बात की। जांच के बाद सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मनीष पोद्दार ने करीब दस साल तक दूसरी सोना-चांदी की दुकान में काम किया था, लेकिन उस पर कभी कोई आरोप या मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। समाज में भी उसका स्वभाव अच्छा था। वह एक गरीब परिवार से है और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। माले नेताओं ने बताया कि पुलिस की इस कथित क्रूरता से ग्रामीण आक्रोशित हैं। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए डीएसएपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की है, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मियों या थानाध्यक्ष पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भाकपा माले ने ताजपुर के निवासियों से 10 जनवरी के न्याय मार्च में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।


