Salt Side Effects: नमक यानी सोडियम क्लोराइड हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है। यह शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखता है, नसों के सिग्नल भेजने में मदद करता है और मांसपेशियों के काम करने में भी जरूरी है। लेकिन जितना जरूरी है, उतना ही ज्यादा लेना नुकसानदायक भी हो सकता है।
कितना नमक सही है?
National Health Service के अनुसार, 11 साल से ऊपर के लोगों को रोज 6 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं लेना चाहिए। वहीं World Health Organization का कहना है कि 5 ग्राम तक नमक लेना बेहतर है। लेकिन भारत में लोग औसतन 10-11 ग्राम नमक रोज खा रहे हैं, जो जरूरत से काफी ज्यादा है।
नमक कम करने से क्या फायदे होते हैं?
ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है- ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी जमा होता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। नमक कम करने से नसें रिलैक्स होती हैं और बीपी कंट्रोल में रहता है। इससे सिरदर्द और चक्कर भी कम होते हैं।
दिल स्वस्थ रहता है- नमक ज्यादा होने से दिल पर दबाव बढ़ता है और नसों में ब्लॉकेज का खतरा होता है। जब आप नमक कम करते हैं, तो दिल को कम मेहनत करनी पड़ती है और हार्ट अटैक का खतरा घटता है।
किडनी पर कम दबाव पड़ता है- किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त नमक बाहर निकालना है। ज्यादा नमक से किडनी पर लोड बढ़ जाता है। नमक कम करने से सूजन कम होती है और किडनी सही से काम करती है।
हड्डियां मजबूत रहती हैं- ज्यादा नमक शरीर से कैल्शियम बाहर निकाल देता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। नमक कम करने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और फ्रैक्चर का खतरा कम होता है।
शरीर का पानी संतुलन में रहता है- ज्यादा नमक से शरीर में सूजन, प्यास और थकान महसूस होती है। नमक कम करने से शरीर का बैलेंस ठीक रहता है, सूजन कम होती है और एनर्जी बढ़ती है।
ओवरऑल हेल्थ बेहतर होती है- कम नमक लेने से पूरे शरीर की सूजन कम होती है, पाचन बेहतर होता है और दवाइयों का असर भी अच्छा होता है। साथ ही दिमाग को बेहतर ब्लड फ्लो मिलता है, जिससे मूड और सोचने की क्षमता बेहतर होती है।
क्या आपको नमक पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?
नहीं, नमक पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। बस मात्रा पर ध्यान देना है। पैकेज्ड फूड, चिप्स, अचार और प्रोसेस्ड चीजों में नमक ज्यादा होता है, इन्हें कम करें।


