मधुबनी जिले के झंझारपुर में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां अतिरिक्त सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन किया गया है। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने पटना से डिजिटल माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित 11 सखी वन स्टॉप सेंटरों का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसमें झंझारपुर का केंद्र भी शामिल था। रिबन काटकर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया
उद्घाटन कार्यक्रम के अंतर्गत झंझारपुर में स्थानीय स्तर पर एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा और डीपीएम (महिला एवं बाल विकास निगम) हेमंत कुमार मंडल ने रिबन काटकर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय लोगों ने इस महत्वपूर्ण पहल का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए एक उपयोगी कदम बताया। सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त और जरूरतमंद महिलाओं को एक ही स्थान पर एकीकृत सहायता उपलब्ध कराना है। इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सहयोग और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
अधिकारियों ने बताया कि इस केंद्र के संचालन से झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को त्वरित सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। साथ ही, उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी आसानी से उपलब्ध कराए जा सकेंगे। यह केंद्र महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। झंझारपुर क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं
कार्यक्रम के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर, मधुबनी की केंद्र प्रशासक सुषमा कुमारी, झंझारपुर की केंद्र प्रशासक शायना मिर्ज़ा, काउंसलर दीपशिखा सिंह, केस वर्कर गायत्री कुमारी एवं मनीषा कुमारी, पैरामेडिकल नीरजा शंकर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर आलोक चौधरी सहित झंझारपुर क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं। उपस्थित लोगों ने आशा व्यक्त की कि यह केंद्र महिलाओं को सुरक्षा और न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मधुबनी जिले के झंझारपुर में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां अतिरिक्त सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन किया गया है। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने पटना से डिजिटल माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित 11 सखी वन स्टॉप सेंटरों का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसमें झंझारपुर का केंद्र भी शामिल था। रिबन काटकर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया
उद्घाटन कार्यक्रम के अंतर्गत झंझारपुर में स्थानीय स्तर पर एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा और डीपीएम (महिला एवं बाल विकास निगम) हेमंत कुमार मंडल ने रिबन काटकर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय लोगों ने इस महत्वपूर्ण पहल का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए एक उपयोगी कदम बताया। सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त और जरूरतमंद महिलाओं को एक ही स्थान पर एकीकृत सहायता उपलब्ध कराना है। इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सहयोग और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
अधिकारियों ने बताया कि इस केंद्र के संचालन से झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को त्वरित सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। साथ ही, उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी आसानी से उपलब्ध कराए जा सकेंगे। यह केंद्र महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। झंझारपुर क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं
कार्यक्रम के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर, मधुबनी की केंद्र प्रशासक सुषमा कुमारी, झंझारपुर की केंद्र प्रशासक शायना मिर्ज़ा, काउंसलर दीपशिखा सिंह, केस वर्कर गायत्री कुमारी एवं मनीषा कुमारी, पैरामेडिकल नीरजा शंकर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर आलोक चौधरी सहित झंझारपुर क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं। उपस्थित लोगों ने आशा व्यक्त की कि यह केंद्र महिलाओं को सुरक्षा और न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


