बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी 2026 के मैट्रिक परीक्षा परिणाम में सहरसा जिले के दो प्रतिभाशाली छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में अपनी अलग पहचान बनाई है। सौरबाजार प्रखंड के रहने वाले रूपेश कुमार और दिवाकर कुमार ने टॉप-10 मेरिट लिस्ट में जगह बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। सौरबाजार के सुहथ गांव (वार्ड संख्या 10) निवासी रूपेश कुमार ने 500 में 486 अंक (97.2%) प्राप्त कर राज्य में 5वां स्थान हासिल किया है। उनकी सफलता खास इसलिए भी है क्योंकि वे बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता हीरा यादव पंजाब में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। डॉक्टर बनना चाहते हैं रुपेश सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद रूपेश ने कठिन परिश्रम और मजबूत इरादों के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो अभावों को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। रूपेश ने कहा कि उसकी तमन्ना है कि वह मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई पूरी करके एक डॉक्टर बनने की है। वहीं, सौरबाजार के ही हाई स्कूल के छात्र दिवाकर कुमार ने भी 482 अंक (96.4%) के साथ राज्य में 9वां स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है। उनके पिता गौरी शंकर यादव हैं। दोनों टॉपर एक ही इलाके सौरबाजार से हैं
दिवाकर की इस सफलता से उनके परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि दोनों टॉपर एक ही इलाके सौरबाजार से हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। दोनों छात्रों के घरों पर दोपहर बाद से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीण, शिक्षक और परिजन एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं। रूपेश और दिवाकर की सफलता यह साबित करती है कि कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी परिस्थिति को पार कर सफलता हासिल की जा सकती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी 2026 के मैट्रिक परीक्षा परिणाम में सहरसा जिले के दो प्रतिभाशाली छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में अपनी अलग पहचान बनाई है। सौरबाजार प्रखंड के रहने वाले रूपेश कुमार और दिवाकर कुमार ने टॉप-10 मेरिट लिस्ट में जगह बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। सौरबाजार के सुहथ गांव (वार्ड संख्या 10) निवासी रूपेश कुमार ने 500 में 486 अंक (97.2%) प्राप्त कर राज्य में 5वां स्थान हासिल किया है। उनकी सफलता खास इसलिए भी है क्योंकि वे बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता हीरा यादव पंजाब में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। डॉक्टर बनना चाहते हैं रुपेश सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद रूपेश ने कठिन परिश्रम और मजबूत इरादों के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो अभावों को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। रूपेश ने कहा कि उसकी तमन्ना है कि वह मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई पूरी करके एक डॉक्टर बनने की है। वहीं, सौरबाजार के ही हाई स्कूल के छात्र दिवाकर कुमार ने भी 482 अंक (96.4%) के साथ राज्य में 9वां स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है। उनके पिता गौरी शंकर यादव हैं। दोनों टॉपर एक ही इलाके सौरबाजार से हैं
दिवाकर की इस सफलता से उनके परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि दोनों टॉपर एक ही इलाके सौरबाजार से हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। दोनों छात्रों के घरों पर दोपहर बाद से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीण, शिक्षक और परिजन एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं। रूपेश और दिवाकर की सफलता यह साबित करती है कि कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी परिस्थिति को पार कर सफलता हासिल की जा सकती है।


