सहरसा जिले की आकांक्षा ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित नेट (NET) और गेट (GATE) परीक्षाओं में ऑल इंडिया 36वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 36 और सौर बाजार प्रखंड के रहुआ गांव में खुशी का माहौल है। आकांक्षा रिटायर्ड सैन्य कर्मी रश्मि रंजन झा और मुनमुन झा की बड़ी बेटी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सहरसा के केंद्रीय विद्यालय से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने दर्शनशास्त्र विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। निरंतर मार्गदर्शन, समर्थन और प्रेरणा का परिणाम
अपनी उपलब्धि पर आकांक्षा ने बताया कि यह सफलता उनके माता-पिता के निरंतर मार्गदर्शन, समर्थन और प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। आकांक्षा का सपना भविष्य में प्रोफेसर बनकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना है। आकांक्षा बचपन से ही मेधावी और मेहनती रही
परिजनों के अनुसार, आकांक्षा बचपन से ही मेधावी और मेहनती रही हैं। उन्होंने हर परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रही हैं। उनकी इस उपलब्धि पर दादा विजेंद्र किशोर झा, दादी अमला देवी, बहन दिव्या, भाई आदर्श सहित पूरे परिवार ने गर्व व्यक्त किया है। मामा पप्पू झा, चुनचुन झा, मीरा देवी, मेघा रानी और मिष्टी ने भी खुशी जाहिर करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आकांक्षा की यह सफलता जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। सहरसा जिले की आकांक्षा ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित नेट (NET) और गेट (GATE) परीक्षाओं में ऑल इंडिया 36वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 36 और सौर बाजार प्रखंड के रहुआ गांव में खुशी का माहौल है। आकांक्षा रिटायर्ड सैन्य कर्मी रश्मि रंजन झा और मुनमुन झा की बड़ी बेटी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सहरसा के केंद्रीय विद्यालय से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने दर्शनशास्त्र विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। निरंतर मार्गदर्शन, समर्थन और प्रेरणा का परिणाम
अपनी उपलब्धि पर आकांक्षा ने बताया कि यह सफलता उनके माता-पिता के निरंतर मार्गदर्शन, समर्थन और प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। आकांक्षा का सपना भविष्य में प्रोफेसर बनकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना है। आकांक्षा बचपन से ही मेधावी और मेहनती रही
परिजनों के अनुसार, आकांक्षा बचपन से ही मेधावी और मेहनती रही हैं। उन्होंने हर परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रही हैं। उनकी इस उपलब्धि पर दादा विजेंद्र किशोर झा, दादी अमला देवी, बहन दिव्या, भाई आदर्श सहित पूरे परिवार ने गर्व व्यक्त किया है। मामा पप्पू झा, चुनचुन झा, मीरा देवी, मेघा रानी और मिष्टी ने भी खुशी जाहिर करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आकांक्षा की यह सफलता जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।


