सहरसा मुख्य बस स्टैंड 80 लाख में नीलाम:नगर निगम की बस पड़ाव व हाट बंदोबस्ती से आय बढ़ी, वसूली के लिए निर्धारित की गई शर्तें

सहरसा मुख्य बस स्टैंड 80 लाख में नीलाम:नगर निगम की बस पड़ाव व हाट बंदोबस्ती से आय बढ़ी, वसूली के लिए निर्धारित की गई शर्तें

सहरसा नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहर के मुख्य बस पड़ाव, छोटे बस पड़ाव, सार्वजनिक शौचालय और बैजनाथपुर हाट की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया से निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्य बस पड़ाव की बंदोबस्ती इस बार 80 लाख रुपये की उच्चतम बोली पर हुई है। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि मुख्य बस पड़ाव का ठेका पिछले वर्ष 56 लाख रुपये में दिया गया था। इस वर्ष 80 लाख रुपये में बंदोबस्ती होने से निगम को लगभग 24 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित छोटे बस पड़ाव की बंदोबस्ती 7 लाख 30 हजार रुपये में की गई है। इसके अतिरिक्त, बैजनाथपुर हाट और शहर के विभिन्न सार्वजनिक शौचालयों की भी बंदोबस्ती की गई है। इन मदों से भी निगम को नियमित आय प्राप्त होगी और संबंधित व्यवस्थाओं के संचालन में सुधार की उम्मीद है। वसूली के लिए निर्धारित की गई शर्तें नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के अनुसार, वसूली प्रक्रिया के लिए स्पष्ट शर्तें निर्धारित की गई हैं। 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले वाहनों से प्रति ट्रिप के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। वहीं, शहर में चलने वाले ई-रिक्शा और टेम्पो से पूरे दिन में केवल एक बार ही शुल्क वसूल किया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि इस पारदर्शी निविदा प्रक्रिया और बेहतर प्रबंधन से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि शहर की बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आएगा। सहरसा नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहर के मुख्य बस पड़ाव, छोटे बस पड़ाव, सार्वजनिक शौचालय और बैजनाथपुर हाट की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया से निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्य बस पड़ाव की बंदोबस्ती इस बार 80 लाख रुपये की उच्चतम बोली पर हुई है। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि मुख्य बस पड़ाव का ठेका पिछले वर्ष 56 लाख रुपये में दिया गया था। इस वर्ष 80 लाख रुपये में बंदोबस्ती होने से निगम को लगभग 24 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित छोटे बस पड़ाव की बंदोबस्ती 7 लाख 30 हजार रुपये में की गई है। इसके अतिरिक्त, बैजनाथपुर हाट और शहर के विभिन्न सार्वजनिक शौचालयों की भी बंदोबस्ती की गई है। इन मदों से भी निगम को नियमित आय प्राप्त होगी और संबंधित व्यवस्थाओं के संचालन में सुधार की उम्मीद है। वसूली के लिए निर्धारित की गई शर्तें नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के अनुसार, वसूली प्रक्रिया के लिए स्पष्ट शर्तें निर्धारित की गई हैं। 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले वाहनों से प्रति ट्रिप के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। वहीं, शहर में चलने वाले ई-रिक्शा और टेम्पो से पूरे दिन में केवल एक बार ही शुल्क वसूल किया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि इस पारदर्शी निविदा प्रक्रिया और बेहतर प्रबंधन से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि शहर की बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आएगा।  

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