पंकज सिंह । सहरसा अगले साल सहरसा रेलवे स्टेशन का भव्य व सुविधाजनक स्वरूप सामने आ जाएगा। 44 करोड़ की लागत से पुनर्विकास का काम चल रहा है। 99 मीटर लंबे और 11 मीटर चौड़े तीन मंजिले नए रेल भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। नए भवन में सामान्य वेटिंग हॉल, एक्जीक्यूटिव लाउंज, वीआईपी लाउंज, कांफ्रेंस हॉल, जलपान कक्ष, सामान घर, स्टेशन अधीक्षक कार्यालय व बुकिंग काउंटर बनाए गए हैं। नए भवन का लोकार्पण होने के बाद सभी कार्यालय नवनिर्मित भवन में शिफ्ट हो जाएंगे। नए भवन से जुड़ने पर प्लेटफॉर्म संख्या एक की चौड़ाई 15 मीटर और बढ़ जाएगी। नया रोड और पाथवे तथा विशाल सर्कुलेटिंग एरिया सहरसा रेलवे जंक्शन के स्वरूप में चार चांद लगा देगा। नए भवन की दीवारों पर पेंटिंग की जा रही है। ग्रीन एरिया रंग-बिरंगी लाइट लगायी गयी है। नए स्टेशन भवन के बीचोबीच तीसरा फुट ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। यह सर्कुलेटिंग एरिया से सीधे कनेक्ट होगा। यह एफओबी महानगर के तर्ज पर 12 मीटर चौड़ा और 100 मीटर लंबा होगा। चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाने की योजना है। इससे कुल 9 प्लेटफॉर्म हो जाएंगे। पंकज सिंह । सहरसा अगले साल सहरसा रेलवे स्टेशन का भव्य व सुविधाजनक स्वरूप सामने आ जाएगा। 44 करोड़ की लागत से पुनर्विकास का काम चल रहा है। 99 मीटर लंबे और 11 मीटर चौड़े तीन मंजिले नए रेल भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। नए भवन में सामान्य वेटिंग हॉल, एक्जीक्यूटिव लाउंज, वीआईपी लाउंज, कांफ्रेंस हॉल, जलपान कक्ष, सामान घर, स्टेशन अधीक्षक कार्यालय व बुकिंग काउंटर बनाए गए हैं। नए भवन का लोकार्पण होने के बाद सभी कार्यालय नवनिर्मित भवन में शिफ्ट हो जाएंगे। नए भवन से जुड़ने पर प्लेटफॉर्म संख्या एक की चौड़ाई 15 मीटर और बढ़ जाएगी। नया रोड और पाथवे तथा विशाल सर्कुलेटिंग एरिया सहरसा रेलवे जंक्शन के स्वरूप में चार चांद लगा देगा। नए भवन की दीवारों पर पेंटिंग की जा रही है। ग्रीन एरिया रंग-बिरंगी लाइट लगायी गयी है। नए स्टेशन भवन के बीचोबीच तीसरा फुट ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। यह सर्कुलेटिंग एरिया से सीधे कनेक्ट होगा। यह एफओबी महानगर के तर्ज पर 12 मीटर चौड़ा और 100 मीटर लंबा होगा। चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाने की योजना है। इससे कुल 9 प्लेटफॉर्म हो जाएंगे।


