एक्सपर्ट – मोहर सिंह जादौन, रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी देश के ऐतिहासिक मेलों में शुमार ग्वालियर मेले के झूला सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलानी पहुंचते हैं। यहां रोजाना 45 से 48 हजार सैलानी यहां आते हैं। आप किसी भी समय पहुंचे 5 से 7 हजार सैलानी इस सेक्टर में मिलते ही हैं, लेकिन इतनी भीड़ के हिसाब से झूलों सेक्टर में सुरक्षा इंतजाम नहीं रहते। पिछले वर्ष एक झूले से महिला गिरी थी जो गंभीर रुप से घायल हुई और कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज कराना पड़ा। जब जांच हुई तो पता चला कि क्षमता से अधिक सैलानी झूले में बैठाए थे। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा था। ऐसे ही कई हादसे मेले के झूला सेक्टर में होते हैं। इन्हें रोकने और सुरक्षा इंतजाम के लिए ठोस कदम जरुरी है। एक साइड सड़क मिलती है, इसलिए हर झूले के तीनों तरफ 15-15 फीट जगह खाली छोड़ी जानी चाहिए। ताकि, किसी भी आपात स्थिति में फायर बिग्रेड, एम्बुलेंस मदद के लिए पहुंच सके। इस बार भी झूुले एक-दूसरे से सटाकर लगा दिए हैं। यानी इतने हादसे और जांच के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। इसके परिणाम कभी भी बड़े नुकसान के तौर पर सामने आ सकते हैं। झूला सेक्टर के हालात… सड़क घेरकर टिकट और सॉफ्टी काउंटर लगाए बीते वर्ष हुआ झूला सेक्टर में हादसा, जांच कमेटी ने जो सुझाव दिए उनकी भी अनदेखी (ये बिंदु 2024 में हुए हादसे के बाद हुई जांच में तत्कालीन एसडीएम अशोक चौहान ने दिए थे।) अफसरों ने जिम्मेदारी को बनाया फुटबॉल
मेरी नहीं, भास्कर सक्सेना की जिम्मेदारी सुनील त्रिपाठी/ मेला सचिव झूला सेक्टर में सुरक्षा नियमों का पालन कराया गया है?
इसकी जिम्मेदारी भारी मशीनरी संभाग के भास्कर सक्सेना की है, मेरी नहीं। सभी झूले एक दूसरे से चिपकाकर लगा दिए गए हैं, आप सचिव हैं। क्या आपके स्तर से नियमों के पालन के लिए कोई सख्ती की गई?
मुझे इससे क्या करना, झूले का पूरा काम सक्सेना ही देखेंगे। सचिव होने के नाते मेले में सुरक्षा इंतजाम और नियमों का पालन कराना आपके दायित्व में नहीं हैं क्या?
ये सब काम मेरे नहीं है। भास्कर सक्सेना, कार्यपालन यंत्री/भारी मशीनरी संभाग
मेले में बिना जगह छोड़े झूले लगे हैं, आपने रोके नहीं?
हमें जांच समिति में रखा गया है, झूले लगवाने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की हैं। प्राधिकरण ने ही ये झूले लगवाए हैं। नियमों का पालन नहीं होने पर आपने क्या किया?
हमने नियम पालन कराने के लिए पत्र लिखा है। झूलों को एनओसी रोक दी है। सभी झूलों में अर्थिंग करने के लिए निर्देश दिए हैं। सीट बेल्ट स्टील के लगवा रहे हैं।


