सिटी रिपोर्टर | समस्तीपुर स्थानीय कर्पूरी सभागार में बुधवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के प्रतिषेध, निवारण और अधिनियिम के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशा ला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी एवं निजी कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना तथा संबंधित कानून के प्रावधानों के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों को जागरूक करना था। सभा को संबोधित करते हुए डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून तो बने हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में इनका पूर्ण लाभ लक्षित समूह को नहीं मिल पाता है। कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव और यौन उत्पीड़न के विरुद्ध बने नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार अनिवार्य है। इस कार्यशाला का उद्देश्य यही है कि सभी कार्यालय प्रधान और कर्मचारी कानून की बारीकियों को समझें ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को शून्य पर लाया जा सके। अधिनियम की विभिन्न धाराओं और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया बताई कानूनी जानकारी: विधि विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। कार्यस्थलों पर ‘आंतरिक शिकायत समिति’ के गठन की अनिवार्यता और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। पीड़ित महिला को मिलने वाली कानूनी सहायता और दोषी के विरुद्ध की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में जिले के कई वरीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। जिनमें मुख्य रूप से आईसीडीएस डीपीओ सुनीता, डीपीआरओ रजनीश कुमार राय, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विष्णुदेव मंडल सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान, अधिवक्तागण और विधि विशेषज्ञ शामिल रहे। सिटी रिपोर्टर | समस्तीपुर स्थानीय कर्पूरी सभागार में बुधवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के प्रतिषेध, निवारण और अधिनियिम के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशा ला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी एवं निजी कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना तथा संबंधित कानून के प्रावधानों के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों को जागरूक करना था। सभा को संबोधित करते हुए डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून तो बने हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में इनका पूर्ण लाभ लक्षित समूह को नहीं मिल पाता है। कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव और यौन उत्पीड़न के विरुद्ध बने नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार अनिवार्य है। इस कार्यशाला का उद्देश्य यही है कि सभी कार्यालय प्रधान और कर्मचारी कानून की बारीकियों को समझें ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को शून्य पर लाया जा सके। अधिनियम की विभिन्न धाराओं और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया बताई कानूनी जानकारी: विधि विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। कार्यस्थलों पर ‘आंतरिक शिकायत समिति’ के गठन की अनिवार्यता और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। पीड़ित महिला को मिलने वाली कानूनी सहायता और दोषी के विरुद्ध की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में जिले के कई वरीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। जिनमें मुख्य रूप से आईसीडीएस डीपीओ सुनीता, डीपीआरओ रजनीश कुमार राय, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विष्णुदेव मंडल सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान, अधिवक्तागण और विधि विशेषज्ञ शामिल रहे।


