ललितपुर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने मंगलवार को विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों और विकास का संकल्प है। विधायक ने सड़क एवं सेतु निर्माण के लिए बजट में की गई वित्तीय व्यवस्था का स्वागत किया। उन्होंने जखौरा-तालबेहट संपर्क मार्ग के उच्चीकरण, दैलवारा से अमरपुर मंडी तक हाईवे कनेक्टिविटी और रेलवे स्टेशन दैलवारा पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की मांग की। इसके अतिरिक्त, ललितपुर नगर में इनर रिंग रोड के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिससे देवगढ़, राजघाट और जखौरा मार्ग सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से जुड़ सकें। शहजाद नदी पर पंचमुखी हनुमान मंदिर, बार बांसी मार्ग और पारौन हज़ारिया मार्ग (किमी-3) पर तीन दीर्घ सेतुओं के निर्माण की भी मांग की गई। कुशवाहा ने देवगढ़ मार्ग पर सेतु निगम द्वारा निर्मित रेलवे ओवरब्रिज का नाम ‘महाराजा छत्रसाल सेतु’ और शहजाद नदी पर निर्माणाधीन दीर्घ सेतु का नाम ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी सेतु’ रखने का प्रस्ताव दिया। इन प्रस्तावों को क्षेत्रीय इतिहास और राष्ट्रीय नेतृत्व को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया। शिक्षा, तकनीकी संस्थान और युवाओं पर विशेष जोर देते हुए विधायक ने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा के लिए विकासखंड तालबेहट की ग्राम पंचायत पूरा कला में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ललितपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज और युवाओं की खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की भी मांग रखी। अपने संबोधन में विधायक ने करकरावल कॉरिडोर, देवगढ़ किला, दशावतार मंदिर, बेतवा तट, गोविंद सागर बांध, राजघाट बांध क्षेत्र और पंचमुखी हनुमान मंदिर को जोड़कर बुंदेलखंड धार्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव रखा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह प्रस्ताव क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। फुलावन, पठारी एवं रमपुरा कठवर सहित लगभग 20 ग्रामों के पास भव्य राज्य प्रवेश द्वार बनाए जाने की मांग रखते हुए विधायक ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक बनेगा।


