संयुक्त संघर्ष संचालन समिति (S-4) ने शुक्रवार को लखनऊ में अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बड़ी संख्या में कर्मचारी और शिक्षक प्रेरणा स्थल, के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम के पास जुटे। यहां से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को सौंपा गया। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2005 से पहले जारी विज्ञापनों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को अब तक पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। लाखों शिक्षकों को राहत देने की अपील की महासचिव आर.के. निगम ने आरटीई एक्ट से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को असंवैधानिक बताया। उन्होंने सरकार से अध्यादेश लाकर लाखों शिक्षकों को राहत देने की अपील की। सहसंयोजक कृतार्थ सिंह ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग रखी। 1 मई को श्रम दिवस पर आंदोलन की घोषणा उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने कोविड काल में बंद किए गए भत्तों को फिर से लागू करने की मांग की। जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने जोर दिया कि सरकार को कर्मचारियों और शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 1 मई को श्रम दिवस पर राजधानी में एक बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस कार्यक्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विभागों के सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित रहे।


