रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो की सीमा पर अपना सबसे घातक हथियार को तैनात कर दिया है। यह दावा बेलारूस की निर्वासित विपक्षी नेता स्वेतलाना त्सिखानौस्काया की ओर से किया गया है। उन्होंने यूरोप को आगाह करते हुए कहा कि रूस द्वारा परमाणु क्षमता वाली हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली ‘ओरेश्निक’ (Oreshnik) को बेलारूस में स्थानांतरित किया गया है। ऐसे में वे उनके देश में जो कुछ भी हो रहा है, उस पर यूरोप को अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
त्सिखानौस्काया ने यह भी खुलासा किया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) भी इस खतरे से अवगत हैं। यह बढ़ता तनाव केवल यूक्रेन नहीं बल्कि यूरोपीय देशों को भी प्रभावित कर सकता है। इस लिहाज से बेलारूस में रूस की हो रही गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
सैटेलाइट तस्वीरों से भी खुलासा
बेलारूस की निर्वासित विपक्षी नेता स्वेतलाना त्सिखानौस्काया के दावे की पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से भी होती है। पिछले सप्ताह शेयर की गई तस्वीरों में एक पुराने और बंद पड़े हवाई अड्डे को दिखाया गया है, जहां कई नई इमारतें बनाई गई हैं। रेलवे ट्रैक और स्टेशन का पूरी तरह पुनर्निमाण किया गया है। वहीं दिसंबर में रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें दावा किया गया कि ओरेश्निक प्रणाली को पड़ोसी बेलारूस में युद्धक ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
विशेषज्ञों की अलग-अलग राय
अमेरिका स्थित थिंक टैंक CNA के परमाणु हथियार और प्रतिरोध विश्लेषक डेकर एवेलेथ (Decker Eveleth) ने दिसंबर के अंत में क्रिचाउ (Krychau) स्थल को संभावित ओरेश्निक तैनाती स्थान बताया था। अब उन्होंने कहा है कि नई तस्वीरों की जांच से पुष्टि होती है कि भारी वाहन वहां पहुंच चुके हैं।
इससे इतर, यूक्रेन के लिए डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व विशेष दूत कर्ट वोल्कर (Kurt Volker) ने इस तैनाती के रणनीतिक महत्व पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में काफी जटिलता है। सबसे पहले, रूसी परमाणु हथियारों का कमांड और कंट्रोल रूस के ही नियंत्रण में रहता है। वे रूस में हों या कुछ सौ किलोमीटर आगे बेलारूस में, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। वे परमाणु हथियार हैं और रूसी नियंत्रण में हैं, और हम सबकी ओर लक्षित हैं।
बेलारूस में युद्ध की तैयारी
स्वेतलाना त्सिखानौस्काया की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब बेलारूस के रक्षा मंत्रालय ने युद्धक तैयारी की अगली चरण की जांच शुरू करने की घोषणा की है। बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको को पिछले सप्ताह अपनी सशस्त्र सेनाओं का निरीक्षण करते हुए दिखाया गया। बेलारूस में कई सैन्य अभ्यास किए जा रहे हैं, जिनमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं, साथ ही ‘इस्कंदर’ प्रणाली का भी उपयोग हो रहा है।
क्या है ओरेश्निक?
ओरेश्निक एक मोबाइल इंटरमीडिएट-रेंज (मध्यम दूरी) मिसाइल प्रणाली है। विशेषज्ञों का दावा है कि यह मात्र 8 मिनट में ब्रिटेन तक पहुंच सकती है। यह परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है, हालांकि अभी इसमें पारंपरिक हथियारों का उपयोग हुआ है, लेकिन यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।


