शेखपुरा में कैंसर टीके को लेकर अफवाह:स्कूल पर ग्रामीणों का हमला; शिक्षकों से मारपीट, टीकाकर्मियों को बनाया बंधक

शेखपुरा में कैंसर टीके को लेकर अफवाह:स्कूल पर ग्रामीणों का हमला; शिक्षकों से मारपीट, टीकाकर्मियों को बनाया बंधक

शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र के गंगटी गांव में बुधवार दोपहर कैंसर रोधी टीके को लेकर अफवाह फैलने के बाद ग्रामीणों ने एक स्कूल पर हमला कर दिया। उग्र ग्रामीणों ने शिक्षकों के साथ मारपीट की और स्वास्थ्य विभाग के टीकाकर्मियों को बंधक बना लिया। उन्होंने शिक्षकों की बाइक भी तोड़ दी। यह घटना मध्य विद्यालय गंगटी में हुई, जहाँ 14 वर्ष तक की किशोरियों को कैंसर रोधी टीका लगाया जा रहा था। कुछ महीने पहले 55 किशोरियों को टीके की पहली खुराक दी गई थी, और अब दूसरी खुराक दी जा रही थी। शरारती तत्वों ने अफवाह फैला दी
इसी दौरान, गांव के कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला दी कि कैंसर रोधी टीकाकरण से बांझपन हो सकता है। एक वीडियो भी जारी किया गया, और गांव के एक झोलाछाप चिकित्सक ने भी इस अफवाह को बढ़ावा दिया। अफवाह फैलने के बाद किशोरियों में भी डर फैल गया। दो-तीन किशोरियों ने चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें पुलिस की मदद से बरबीघा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, उन्हें कोई गंभीर समस्या नहीं थी। पुलिस ने स्थिति को शांत कराया
सूचना मिलने पर केवटी थाना अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। स्कूल के प्रधानाध्यापक रामानंद सागर ने बताया कि ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में स्कूल पर हमला किया और शिक्षकों से मारपीट की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि उन्हें शिक्षा विभाग से पत्र के माध्यम से कैंसर रोधी टीका लगाने का निर्देश मिला था, जिसका वे पालन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अफवाह के कारण बच्चियों में डर फैल गया था। शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र के गंगटी गांव में बुधवार दोपहर कैंसर रोधी टीके को लेकर अफवाह फैलने के बाद ग्रामीणों ने एक स्कूल पर हमला कर दिया। उग्र ग्रामीणों ने शिक्षकों के साथ मारपीट की और स्वास्थ्य विभाग के टीकाकर्मियों को बंधक बना लिया। उन्होंने शिक्षकों की बाइक भी तोड़ दी। यह घटना मध्य विद्यालय गंगटी में हुई, जहाँ 14 वर्ष तक की किशोरियों को कैंसर रोधी टीका लगाया जा रहा था। कुछ महीने पहले 55 किशोरियों को टीके की पहली खुराक दी गई थी, और अब दूसरी खुराक दी जा रही थी। शरारती तत्वों ने अफवाह फैला दी
इसी दौरान, गांव के कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला दी कि कैंसर रोधी टीकाकरण से बांझपन हो सकता है। एक वीडियो भी जारी किया गया, और गांव के एक झोलाछाप चिकित्सक ने भी इस अफवाह को बढ़ावा दिया। अफवाह फैलने के बाद किशोरियों में भी डर फैल गया। दो-तीन किशोरियों ने चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें पुलिस की मदद से बरबीघा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, उन्हें कोई गंभीर समस्या नहीं थी। पुलिस ने स्थिति को शांत कराया
सूचना मिलने पर केवटी थाना अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। स्कूल के प्रधानाध्यापक रामानंद सागर ने बताया कि ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में स्कूल पर हमला किया और शिक्षकों से मारपीट की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि उन्हें शिक्षा विभाग से पत्र के माध्यम से कैंसर रोधी टीका लगाने का निर्देश मिला था, जिसका वे पालन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अफवाह के कारण बच्चियों में डर फैल गया था।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *