बिहार सरकार ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यभर के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण जरूरी होगा। हर थाना क्षेत्र में संचालित हॉस्टलों की पूरी जानकारी थाने में रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके, इसके लिए महिला हेल्प डेस्क को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। 24 घंटे महिला वार्डन की होगी तैनाती नए नियमों के तहत सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके साथ ही वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, डायनिंग एरिया और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी ताकि किसी भी घटना की जांच की जा सके। पुरुषों के प्रवेश पर सख्त रोक हॉस्टल के कमरों वाले हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हॉस्टल में आने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण विजिटर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। हॉस्टल में पूरी रोशनी, बेहतर साफ-सफाई, मजबूत दरवाजे-ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली होगी। रात में छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है। आपात स्थिति के लिए 112 और अभया ब्रिगेड आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉस्टल में 112 नंबर, स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के इस्तेमाल और उसके सुरक्षा फीचर्स की जानकारी भी दी जाएगी। नियमित जांच, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नियमों के उल्लंघन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बिहार सरकार ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यभर के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण जरूरी होगा। हर थाना क्षेत्र में संचालित हॉस्टलों की पूरी जानकारी थाने में रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके, इसके लिए महिला हेल्प डेस्क को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। 24 घंटे महिला वार्डन की होगी तैनाती नए नियमों के तहत सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके साथ ही वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, डायनिंग एरिया और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी ताकि किसी भी घटना की जांच की जा सके। पुरुषों के प्रवेश पर सख्त रोक हॉस्टल के कमरों वाले हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हॉस्टल में आने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण विजिटर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। हॉस्टल में पूरी रोशनी, बेहतर साफ-सफाई, मजबूत दरवाजे-ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली होगी। रात में छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है। आपात स्थिति के लिए 112 और अभया ब्रिगेड आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉस्टल में 112 नंबर, स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के इस्तेमाल और उसके सुरक्षा फीचर्स की जानकारी भी दी जाएगी। नियमित जांच, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नियमों के उल्लंघन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


