भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और मंत्री नितेश राणे ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए एक विवादित बयान दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की मौजूदगी ने जहां एक तरफ चर्चा बटोरी, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। उद्धव गुट ने इसको लेकर संघ और भाजपा पर कटाक्ष किया था, जिस पर नितेश राणे ने पलटवार किया है।
शिवसेना (UBT) की ओर से सलमान खान की उपस्थिति पर सवाल उठाने पर भाजपा विधायक नितेश राणे ने कहा कि सलमान खान, उद्धव ठाकरे की तुलना में अधिक हिंदू हैं। राणे ने कहा कि सलमान खान में कम से कम संघ के कार्यक्रम में शामिल होने की हिम्मत तो है, जबकि उद्धव ठाकरे ने कभी राहुल गांधी के सामने या अपने पिता बालासाहेब ठाकरे को ‘हिंदुहृदयसम्राट’ कहने का साहस नहीं किया।
उद्धव ठाकरे की हिंदुत्व निष्ठा पर उठाए सवाल
नितेश राणे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “सलमान खान उद्धव ठाकरे से ज्यादा हिंदू निकले।” राणे ने पत्रकारों से बात करते हुए उद्धव ठाकरे की हिंदुत्व के प्रति प्रतिबद्धता को चुनौती दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या उद्धव ठाकरे कभी राहुल गांधी के सामने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे को ‘हिंदुहृदयसम्राट’ कहने का साहस दिखा पाएंगे?
राणे ने आगे कहा कि सलमान खान का सरसंघचालक मोहन भागवत के कार्यक्रम में आना सराहनीय है, लेकिन उद्धव ठाकरे को सच में पता लगाने की जरूरत है कि वह सचमुच हिंदू हैं या नहीं।
भागवत के ‘भाषा’ वाले बयान पर बवाल
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसी कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अपनी भाषा के प्रति अत्यधिक आग्रही होना और उसके लिए आंदोलन करना एक प्रकार की ‘बीमारी’ है। भागवत के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। राज ठाकरे ने कहा कि जब बाहरी राज्यों से आने वाले लोग स्थानीय संस्कृति को नकारते हैं और भाषा का अपमान करते हैं, तब गुस्सा आना स्वाभाविक है और इसे ‘बीमारी’ कहना पूरी तरह गलत है।
नितेश राणे का राज ठाकरे पर कटाक्ष राज ठाकरे द्वारा मोहन भागवत की आलोचना किए जाने पर भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा कि राज ठाकरे को इस मामले में गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने राज ठाकरे पर पलटवार करते हुए पूछा कि क्या उन्होंने कभी किसी मदरसे के मौलवी से अजान को मराठी में देने के लिए कहा है? राणे ने कहा, मैं खुद उस कार्यक्रम में मौजूद था, मोहन भागवत ने केवल राष्ट्रीय भाषा के प्रति गर्व और स्थानीय भाषाओं के महत्व की बात की थी, न कि किसी क्षेत्रीय अस्मिता के अपमान जैसी कोई बात कही थी। मोहन भागवत के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।


