वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल, बाबर-शादाब को खिलाने का विरोध करने वाले सेलेक्टर का इस्तीफा

वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल, बाबर-शादाब को खिलाने का विरोध करने वाले सेलेक्टर का इस्तीफा

Pakistan cricket: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से टीम के बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में घमासान मचना शुरू हो गया है। बाबर आजम, शादाब खान और उस्‍मान खान को खिलाने का विरोध करने वाले सेलेक्‍टर अलीम डार ने माइक हेसन के अधिकार पर सवाल उठाते हुए अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। 

Pakistan cricket: पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 से बाहर होने के कुछ ही दिनों बाद नेशनल सेलेक्शन कमिटी के एक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कोच माइक हेसन के अधिकार और साथी कमिटी सदस्य आकिब जावेद की कथित चुप्पी से निराशा का हवाला दिया है। सेलेक्‍टर अलीम डार ने कहा कि उन्हें बार-बार अहम सेलेक्शन चर्चाओं में अलग-थलग महसूस हो रहा था। ज्ञात हो कि सुपर-8 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मैच बारिश से धुलने और दूसरे में इंग्लैंड से हार ने पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

टी20 वर्ल्ड कप टीम में इन प्‍लेयर्स को शामिल करने पर किया था विरोध

जियो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व इंटरनेशनल अंपायर अलीम डार ने पाकिस्तान मेन्स सेलेक्शन कमिटी से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उन्हें बार-बार अहम सिलेक्शन चर्चाओं में अलग-थलग महसूस हो रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि डार ने बाबर आजम, शादाब खान और उस्मान खान को टी20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल करने का कड़ा विरोध किया था।

मोहम्मद रिजवान का किया था सपोर्ट

बाबर का वर्ल्ड कप में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा, उन्होंने चार पारियों में सिर्फ़ 91 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट रन-ए-बॉल से थोड़ा ज्‍यादा था और उन्हें श्रीलंका के ख़िलाफ मैच में प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था। दूसरी ओर, शादाब ने 183 रन बनाए और सिर्फ पांच विकेट लिए।

इसके बजाय डार ने अहम नंबर-6 रोल के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान का समर्थन किया था, यह तर्क देते हुए कि अगर खराब प्रदर्शन करने वालों को मौके दिए जा रहे हैं तो रिजवान भी मिडिल ऑर्डर में एक तय रोल के हकदार हैं।

सेलेक्‍शन पैनल की अंदरूनी दरार हुई उजागर

रिपोर्ट ने पैनल के अंदर बढ़ती अंदरूनी दरार को और भी ज्‍यादा उजागर किया है, जिसमें आकिब जावेद अक्सर हेसन के विचारों से सहमत थे। जबकि पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक अहम बातचीत के दौरान ज्‍यादातर चुप रहे। कहा जाता है कि मजबूत बहस की कमी के कारण डार अकेला महसूस कर रहे थे और उनके योगदान को कम आंका जा रहा था।

17 महीने का कार्यकाल खत्म

इस्तीफे के साथ ही डार का सेलेक्टर के तौर पर 17 महीने का कार्यकाल खत्म हो गया। उन्हें 11 अक्टूबर, 2024 को एक नए पैनल के हिस्से के तौर पर अपॉइंट किया गया था, जिसमें जावेद, पूर्व टेस्ट कप्तान अजहर अली और एनालिस्ट हसन चीमा भी शामिल थे।

​Sports – Patrika | CMS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *