राजगीर में 3 घंटे के लिए बंद रहेगा रोप-वे:सुरक्षा को लेकर एनडीआरएफ करेगी मॉक ड्रिल, मैनेजमेंट ने पर्यटकों से की अपील

राजगीर में 3 घंटे के लिए बंद रहेगा रोप-वे:सुरक्षा को लेकर एनडीआरएफ करेगी मॉक ड्रिल, मैनेजमेंट ने पर्यटकों से की अपील

नालंदा जिले के राजगीर में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए मंगलवार को रोपवे आंशिक रूप से बाधित रहेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह 08:30 बजे से NDRF की टीम के साथ एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इस अभ्यास के कारण पर्यटकों की आवाजाही पर सुबह से लेकर 11:30 बजे तक या मॉक ड्रिल के पूरी तरह संपन्न होने तक रोक लगी रहेगी। इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभ्यास की पूर्व तैयारी के मद्देनजर सोमवार शाम 5 बजे ही रोपवे परिसर में NDRF की टीम और प्रबंधन के बीच एक ‘टेबल टॉक’ बैठक बुलाई गई है, जिसमें रेस्क्यू ऑपरेशन की रूपरेखा तय की जाएगी। रत्नागिरी पहाड़ी में भारत का सबसे पुराना चेयरलिफ्ट रोपवे रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित ये भारत का सबसे पुराना और प्रसिद्ध चेयरलिफ्ट रोपवे है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्व शांति स्तूप तक ले जाता है। यहां से पर्यटकों को पहाड़ियों और पंत वन्यजीव अभ्यारण्य का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है। आधुनिक सुविधाओं को जोड़ते हुए अब यहां 8-सीटर केबिन रोपवे (केबल कार) की सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ लेने के लिए पर्यटक BSTDC की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और रोपवे प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा अभ्यास के महत्व को समझते हुए इस व्यवस्था में सहयोग करें और कल सुबह 11:30 बजे के बाद ही अपनी रज्जुपथ यात्रा का नियोजन करें। मॉक ड्रिल की प्रक्रिया संपन्न होते ही परिचालन को पुन: सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा। नालंदा जिले के राजगीर में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए मंगलवार को रोपवे आंशिक रूप से बाधित रहेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह 08:30 बजे से NDRF की टीम के साथ एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इस अभ्यास के कारण पर्यटकों की आवाजाही पर सुबह से लेकर 11:30 बजे तक या मॉक ड्रिल के पूरी तरह संपन्न होने तक रोक लगी रहेगी। इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभ्यास की पूर्व तैयारी के मद्देनजर सोमवार शाम 5 बजे ही रोपवे परिसर में NDRF की टीम और प्रबंधन के बीच एक ‘टेबल टॉक’ बैठक बुलाई गई है, जिसमें रेस्क्यू ऑपरेशन की रूपरेखा तय की जाएगी। रत्नागिरी पहाड़ी में भारत का सबसे पुराना चेयरलिफ्ट रोपवे रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित ये भारत का सबसे पुराना और प्रसिद्ध चेयरलिफ्ट रोपवे है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्व शांति स्तूप तक ले जाता है। यहां से पर्यटकों को पहाड़ियों और पंत वन्यजीव अभ्यारण्य का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है। आधुनिक सुविधाओं को जोड़ते हुए अब यहां 8-सीटर केबिन रोपवे (केबल कार) की सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ लेने के लिए पर्यटक BSTDC की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और रोपवे प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा अभ्यास के महत्व को समझते हुए इस व्यवस्था में सहयोग करें और कल सुबह 11:30 बजे के बाद ही अपनी रज्जुपथ यात्रा का नियोजन करें। मॉक ड्रिल की प्रक्रिया संपन्न होते ही परिचालन को पुन: सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।  

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