राजगीर में रोपवे पर 8 अप्रैल से लगेगा ‘ब्रेक’:मेंटेनेंस के कारण 12 दिनों तक परिचालन बंद, मलमास मेले की तैयारी

राजगीर में रोपवे पर 8 अप्रैल से लगेगा ‘ब्रेक’:मेंटेनेंस के कारण 12 दिनों तक परिचालन बंद, मलमास मेले की तैयारी

राजगीर आने वाले सैलानियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। रत्नागिरी पर्वत पर स्थित भारत के सबसे पुराने और प्रसिद्ध आकाशीय रज्जुपथ (रोपवे) का परिचालन 8 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह स्थगित रहेगा। यह निर्णय तकनीकी मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि आगामी महीने में राजगीर में ऐतिहासिक मलमास मेला का आयोजन होना है। इस दौरान देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। भीड़ के दबाव को देखते हुए रोपवे की सुरक्षा अनिवार्य है।
8-सीटर केबिन (केबल कार) चलती है प्रबंधक ने बताया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या अनहोनी को रोकने के लिए समय-समय पर गहन मेंटेनेंस आवश्यक है। 8 से 20 अप्रैल के बीच मशीनों और केबल्स की जांच व मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद 21 अप्रैल से पर्यटक पुनः नियमित रूप से इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। गौरतलब है कि राजगीर का यह रज्जुपथ न केवल श्रद्धालुओं को विश्व शांति स्तूप तक सुगम पहुंच प्रदान करता है, बल्कि यहां से पंत वन्यजीव अभ्यारण्य और मगध की पहाड़ियों का मनोरम दृश्य भी दिखाई देता है। पर्यटकों की सुविधा के लिए अब यहां अत्याधुनिक 8-सीटर केबिन (केबल कार) संचालित की जा रही है। राजगीर आने वाले सैलानियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। रत्नागिरी पर्वत पर स्थित भारत के सबसे पुराने और प्रसिद्ध आकाशीय रज्जुपथ (रोपवे) का परिचालन 8 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह स्थगित रहेगा। यह निर्णय तकनीकी मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि आगामी महीने में राजगीर में ऐतिहासिक मलमास मेला का आयोजन होना है। इस दौरान देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। भीड़ के दबाव को देखते हुए रोपवे की सुरक्षा अनिवार्य है।
8-सीटर केबिन (केबल कार) चलती है प्रबंधक ने बताया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या अनहोनी को रोकने के लिए समय-समय पर गहन मेंटेनेंस आवश्यक है। 8 से 20 अप्रैल के बीच मशीनों और केबल्स की जांच व मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद 21 अप्रैल से पर्यटक पुनः नियमित रूप से इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। गौरतलब है कि राजगीर का यह रज्जुपथ न केवल श्रद्धालुओं को विश्व शांति स्तूप तक सुगम पहुंच प्रदान करता है, बल्कि यहां से पंत वन्यजीव अभ्यारण्य और मगध की पहाड़ियों का मनोरम दृश्य भी दिखाई देता है। पर्यटकों की सुविधा के लिए अब यहां अत्याधुनिक 8-सीटर केबिन (केबल कार) संचालित की जा रही है।  

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