आईजीआईएमएस के आठ विभागों में अब रोबोटिक सर्जरी होगी। जो ऑपरेशन निजी अस्पतालों में 3 से 4 लाख रुपए में होते हैं, वे यहां करीब 50 हजार रुपए में हो सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने रविवार को आईजीआईएमएस में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित दा-विंची एक्सआई रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम और 10 करोड़ रुपए की एनेस्थीसिया सिमुलेशन लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के सरकारी क्षेत्र में स्थापित यह पहला रोबोटिक सिस्टम है, जिससे राज्य में आधुनिक, सटीक और किफायती सर्जरी की सुविधा विकसित होगी। बिहार के मरीजों को जटिल इलाज के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार निवेश कर रही है। वे विश्व किडनी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रयोगशाला अमेरिका की एलीवेट हेल्थकेयर इंक के उपकरणों से लैस है। 10 साल में 138 किडनी प्रत्यारोपण आईजीआईएमएस में किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम के 10 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवधि में संस्थान में 138 किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से आईजीआईएमएस में मार्च 2016 में किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। आज यहां मरीजों को राहत िमल रही है। आईजीआईएमएस के आठ विभागों में अब रोबोटिक सर्जरी होगी। जो ऑपरेशन निजी अस्पतालों में 3 से 4 लाख रुपए में होते हैं, वे यहां करीब 50 हजार रुपए में हो सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने रविवार को आईजीआईएमएस में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित दा-विंची एक्सआई रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम और 10 करोड़ रुपए की एनेस्थीसिया सिमुलेशन लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के सरकारी क्षेत्र में स्थापित यह पहला रोबोटिक सिस्टम है, जिससे राज्य में आधुनिक, सटीक और किफायती सर्जरी की सुविधा विकसित होगी। बिहार के मरीजों को जटिल इलाज के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार निवेश कर रही है। वे विश्व किडनी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रयोगशाला अमेरिका की एलीवेट हेल्थकेयर इंक के उपकरणों से लैस है। 10 साल में 138 किडनी प्रत्यारोपण आईजीआईएमएस में किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम के 10 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवधि में संस्थान में 138 किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से आईजीआईएमएस में मार्च 2016 में किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। आज यहां मरीजों को राहत िमल रही है।


