सैदपुर नाले पर 5.7 किमी लंबी सड़क बन रही है। इनमें से 3.2 किमी, सैदपुर से गाय घाट तक, नाले को ढंककर सड़क बनाई जाएगी। इसका काम तेजी से चल रहा है। इस साल दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सड़क के बनने से 13 वार्डों की करीब 5 लाख आबादी को अवागमन की सुविधा िमलेगी। साथ ही उन्हें नाले की दुर्गंध से मुक्ति भी मिलेगी। बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने निर्माण एजेंसी आैर प्रोजेक्ट इंजीनियरों को तय समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है। मानसून से पहले काम में तेजी लाने को कहा है, ताकि बारिश के दौरान स्थानीय लोगों को जलजमाव का सामना न करना पड़े। इस नाले के दोनों तरफ घनी बसाहट है। इसको देखते हुए नाले को ढंककर उसपर सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है। इस कारण इसकी डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब इस पर 331.36 करोड़ खर्च होंगे। पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 260 करोड़ थी। इस तरह करीब 70 करोड़ रुपए लागत बढ़ गई है। सैदपुर नाला : तेजी से चल रहा निर्माण कार्य सैदपुर से गायघाट तक नाले को ढंका जाएगा, 331.36 करोड़ खर्च होंगे 11 बड़े इलाकों का ड्रेनेज जुड़ा है : सैदपुर नाले से करीब 11 इलाकों का ड्रेनेज जुड़ा है। ऐसे में बुडको द्वारा 11.5 किमी में कैचमेंट नाले का निर्माण भी किया जा रहा है। सैदपुर नाले में भिखना पहाड़ी, मछुआ टोली, मोइनुल हक स्टेडियम, बहादुरपुर, सुल्तानगंज, मुसल्लहपुर हाट, बकरी बाजार, संदलपुर, छोटी पहाड़ी, बड़ी पहाड़ी आैर गुलजार बाग के नालों का पानी आता है। अशोक राजपथ से गंगा पथ तक जुड़ेगा : सैदपुर नाले पर सड़क बनने से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इससे राजेंद्र नगर इलाके के साथ ही साइंस सिटी तक पहुंचने में सहूलियत होगी। इसके अलावा अशोक राजपथ से लेकर गंगा पथ तक आवाजाही आसान होगी। गायघाट तक सैदपुर नाले की सड़क जुड़ जाएगी। इससे अशोक राजपथ पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। सफाई के लिए जगह-जगह बॉक्स बनेंगे : अभी सैदपुर नाले की गहराई 2.4 से 4 मीटर तक है। इसे बढ़ाकर 3.5 से 5 मीटर किया जा रहा है। सड़क बनने के बाद भी नाले की सफाई की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए कुछ जगहों पर नाले को खुला रखा जाएगा। साथ ही जगह-जगह बॉक्स बनाए जाएंगे। सैदपुर नाले पर 5.7 किमी लंबी सड़क बन रही है। इनमें से 3.2 किमी, सैदपुर से गाय घाट तक, नाले को ढंककर सड़क बनाई जाएगी। इसका काम तेजी से चल रहा है। इस साल दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सड़क के बनने से 13 वार्डों की करीब 5 लाख आबादी को अवागमन की सुविधा िमलेगी। साथ ही उन्हें नाले की दुर्गंध से मुक्ति भी मिलेगी। बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने निर्माण एजेंसी आैर प्रोजेक्ट इंजीनियरों को तय समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है। मानसून से पहले काम में तेजी लाने को कहा है, ताकि बारिश के दौरान स्थानीय लोगों को जलजमाव का सामना न करना पड़े। इस नाले के दोनों तरफ घनी बसाहट है। इसको देखते हुए नाले को ढंककर उसपर सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है। इस कारण इसकी डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब इस पर 331.36 करोड़ खर्च होंगे। पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 260 करोड़ थी। इस तरह करीब 70 करोड़ रुपए लागत बढ़ गई है। सैदपुर नाला : तेजी से चल रहा निर्माण कार्य सैदपुर से गायघाट तक नाले को ढंका जाएगा, 331.36 करोड़ खर्च होंगे 11 बड़े इलाकों का ड्रेनेज जुड़ा है : सैदपुर नाले से करीब 11 इलाकों का ड्रेनेज जुड़ा है। ऐसे में बुडको द्वारा 11.5 किमी में कैचमेंट नाले का निर्माण भी किया जा रहा है। सैदपुर नाले में भिखना पहाड़ी, मछुआ टोली, मोइनुल हक स्टेडियम, बहादुरपुर, सुल्तानगंज, मुसल्लहपुर हाट, बकरी बाजार, संदलपुर, छोटी पहाड़ी, बड़ी पहाड़ी आैर गुलजार बाग के नालों का पानी आता है। अशोक राजपथ से गंगा पथ तक जुड़ेगा : सैदपुर नाले पर सड़क बनने से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इससे राजेंद्र नगर इलाके के साथ ही साइंस सिटी तक पहुंचने में सहूलियत होगी। इसके अलावा अशोक राजपथ से लेकर गंगा पथ तक आवाजाही आसान होगी। गायघाट तक सैदपुर नाले की सड़क जुड़ जाएगी। इससे अशोक राजपथ पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। सफाई के लिए जगह-जगह बॉक्स बनेंगे : अभी सैदपुर नाले की गहराई 2.4 से 4 मीटर तक है। इसे बढ़ाकर 3.5 से 5 मीटर किया जा रहा है। सड़क बनने के बाद भी नाले की सफाई की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए कुछ जगहों पर नाले को खुला रखा जाएगा। साथ ही जगह-जगह बॉक्स बनाए जाएंगे।


