वाराणसी: रमजान और ईद के बाद एक बार फिर पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी दाल मंडी में ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान 30मकान को नोटिस दिया गया था, जिन्हें आज तोड़ा जाना है। इससे पहले भवन स्वामियों के घर पर नोटिस भी चश्मा किया गया था और मुनादी भी करवाई गई थी। इससे पहले भी दाल मंडी में सड़क चोरी कारण की कार्रवाई की गई थी, लेकिन रमजान का पाक महीना होने की वजह से इसे कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया था।
पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी है दाल मंडी
सड़क चौड़ीकरण की जद में आई पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी दाल मंडी में एक बार फिर ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस दाल मंडी में कुल 187 भवन चिन्हित किए गए हैं जिन्हें तोड़कर सड़क को चौड़ा किया जाना है, जिनमें से 6 धार्मिक स्थल हैं। इनमें कुछ भवनों को पहले ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद रविवार को 30 भवन पर पीडब्ल्यूडी का हथोड़ा और बुलडोजर चलेगा।
कराई गई है मुनादी
सभी भवन स्वामियों को मकान खाली करने को लेकर मुनादी कराई जा चुकी है और विभाग की ओर से भवन स्वामियों से मकान की रजिस्ट्री करवाई जा रही है। बताया जा रहा है कि दाल मंडी के अब तक 48 भवन स्वामियों ने अपने मकान की रजिस्ट्री जिला प्रशासन के नाम कर दी है। रजिस्ट्री होने के बाद प्रशासन तेजी से अपने काम को पूरा करने में लगा हुआ है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है इसके साथ ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
दरअसल, दाल मंडी में सड़क चौड़ीकरण का कार्य अधिकारियों कर्मचारियों की कमी के कारण बंद किया गया था। बताया जा रहा है कि कर्मचारी और अधिकारी मार्च महीने में पड़ने वाले त्यौहार और एसआईआर कि ड्यूटी में व्यस्त थे जिसके चलते इसे बंद किया गया था। इसके बाद पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था होने के बाद अभियान को फिर से शुरू किया जा रहा है। इस दौरान हथौड़े और बुलडोजर की मदद से कार्य को तेजी से पूर्ण किया जाएगा।
17.4 मीटर चौड़ी होगी सड़क
दरअसल, विश्वनाथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक सुगम रास्ता बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है की नई सड़क से चौक की तरफ आने वाली 600 मी लंबी यह सड़क 17.4 मीटर चौड़ी की जाएगी। इसके साथ ही सड़क के दोनों तरफ ग्रीनरी और पथवे भी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं सीधा पहुंचाने के लिए इस रास्ते को मूर्त रूप दिया जा रहा है। करीब 200 करोड़ रुपए की इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करना है।


