धौलपुर के राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत एक बौद्धिक सत्र में सड़क सुरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। सेमिनार में परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को जीवन जीने का सलीका सिखाती है। उन्होंने एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और लोगों में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कुमावत ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी भी दी। इसी क्रम में परिवहन निरीक्षक शैलेंद्र वर्मा ने एनएसएस स्वयंसेवकों से राष्ट्रीय अभियानों में भागीदारी कर उन्हें सफल बनाने की अपील की। उन्होंने स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. गिर्राज सिंह मीणा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है। उन्होंने बताया कि स्वावलंबन की भावना पैदा करना इस सात दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य है। बौद्धिक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा नई जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। डॉ. मीणा ने जिला परिवहन विभाग द्वारा विद्यार्थियों को दी गई यातायात नियमों और ‘गुड सेमिरेटन’ (नेक मददगार) संबंधी जानकारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाविद्यालय के विद्यार्थी समाज में अच्छे मददगार के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेंगे। एनएसएस प्रभारी डॉ. अंजुल सिंह ने सात दिवसीय शिविर की गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि स्वयंसेवक प्रतिदिन सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं और अनुशासन में रहते हुए श्रमदान भी कर रहे हैं। इस अवसर पर पूर्व एनएसएस स्वयंसेवक रंजीत दिवाकर एडवोकेट ने भी विद्यार्थियों को संबोधित कर अपने अनुभव साझा किए। सेमिनार में शिविर प्रभारी पवन कुमार, राजेश गुर्जर और पंकज मीणा सहित चारों इकाइयों के विद्यार्थी प्रमुख रूप से मौजूद थे।


